PM Modi को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान: अब तक 36 देशों ने किया सम्मानित, जानें कब-कब बढ़ा भारत का मान
- sakshi choudhary
- 30 Aug, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ ओली दराजाली दोस्तलिक’ से सम्मानित किया गया है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने ताशकंद में आयोजित एक समारोह में पीएम मोदी को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेशी देशों से मिलने वाले सर्वोच्च या प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की सूची में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक 36 देशों ने पीएम मोदी को अपने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया है। इससे पहले जुलाई 2026 में इंडोनेशिया ने पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से नवाजा था। पीएम मोदी 29 से 30 अगस्त तक उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं, जहां दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के बीच हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में व्यापार और निवेश, डिजिटल संपर्क, रक्षा तथा ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को नई ऊंचाई देने और साझा विकास लक्ष्यों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। पीएम मोदी को इससे पहले सऊदी अरब का किंग अब्दुलअजीज सैश, संयुक्त अरब अमीरात का ऑर्डर ऑफ जायद, रूस का ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल, फ्रांस का ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर और अमेरिका का लीजन ऑफ मेरिट जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। इसके अलावा भूटान, मिस्र, ग्रीस, मॉरीशस, श्रीलंका, ब्राजील, नाइजीरिया और कई अन्य देशों ने भी उन्हें अपने उच्च नागरिक या राजकीय सम्मानों से सम्मानित किया है। यह सूची भारत के बढ़ते वैश्विक संबंधों और विभिन्न देशों के साथ मजबूत होती साझेदारी को भी दर्शाती है।
उज्बेकिस्तान का सम्मान इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह ऐसे समय में मिला है, जब भारत मध्य एशिया के साथ अपने आर्थिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी को 36 देशों से मिले सम्मानों की श्रृंखला भारत की वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की बढ़ती भूमिका के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, विदेशों से मिलने वाले व्यक्तिगत राजकीय सम्मान उन देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों और उनके सम्मान की परंपरा का हिस्सा होते हैं। ताशकंद यात्रा के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान ने भविष्य में व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी में सहयोग को और व्यापक बनाने का संकल्प लिया है। ऐसे में ‘ऑर्डर ऑफ ओली दराजाली दोस्तलिक’ सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि भारत और उज्बेकिस्तान की मजबूत होती दोस्ती का भी प्रतीक बनकर सामने आया है।