दिल्ली में 8 नवंबर तक पानी की किल्लत! राष्ट्रपति भवन और नए पीएमओ परिसर पर भी असर की आशंका
- sakshi choudhary
- 22 Oct, 2026
राजधानी दिल्ली में आने वाले दिनों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहने की आशंका है। अपर गंगा नहर में वार्षिक रखरखाव और मरम्मत कार्य के चलते 21 अक्टूबर की मध्यरात्रि से 8 नवंबर की मध्यरात्रि तक नहर बंद रहेगी। इसका असर सोनिया विहार जल शोधन संयंत्र से होने वाली जल आपूर्ति पर पड़ सकता है। नई दिल्ली के कई इलाकों के साथ राष्ट्रपति भवन परिसर और नए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में भी पानी की उपलब्धता प्रभावित होने की संभावना जताई गई है।
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने इस स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की है। नहर बंद रहने की अवधि में यमुना नदी के पानी के जरिए आपूर्ति की जाएगी। हालांकि, वैकल्पिक स्रोत पर निर्भरता के कारण पानी की मात्रा कम हो सकती है और उसके स्वाद में भी बदलाव महसूस हो सकता है।
इन इलाकों में प्रभावित हो सकती है जल आपूर्ति
एनडीएमसी के अनुसार, नई दिल्ली के कई प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है। प्रभावित होने की आशंका वाले इलाकों में भारती नगर, गोल्फ लिंक्स, लोदी एस्टेट, खान मार्केट, रवींद्र नगर, बापा नगर, जोर बाग, बीके दत्त कॉलोनी, अमृता शेरगिल मार्ग, अलीगंज, किदवई नगर और लक्ष्मीबाई नगर शामिल हैं।
इसके अलावा लोदी रोड, लोदी कॉलोनी, पंडारा रोड, पंडारा पार्क, जनपथ और पृथ्वीराज रोड के कुछ हिस्सों में भी जल आपूर्ति प्रभावित रहने की संभावना है। महत्वपूर्ण संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर भी इसका असर पड़ सकता है। इनमें राष्ट्रपति भवन परिसर, नया पीएमओ, उच्च न्यायालय, काका नगर, दिल्ली फ्लाइंग क्लब, सफदरजंग फ्लाईओवर के आसपास के क्षेत्र और भारती नगर स्थित झुग्गी-झोपड़ी शिविर शामिल हैं।
पानी बचाने की अपील, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
पानी की संभावित कमी को देखते हुए एनडीएमसी ने नागरिकों से जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे नल खुला न छोड़ें, पानी का अनावश्यक इस्तेमाल रोकें और घरेलू जरूरतों के लिए उपलब्ध पानी का सोच-समझकर उपयोग करें।
लंबी अवधि तक चलने वाले मरम्मत कार्यों के दौरान वैकल्पिक जल आपूर्ति पर निर्भरता बढ़ने से लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों की योजना पहले से बनाने की आवश्यकता हो सकती है। फिलहाल, नहर बंद रहने की अवधि में जल प्रबंधन और उपलब्ध संसाधनों का उचित इस्तेमाल महत्वपूर्ण होगा। नागरिकों के सहयोग से पानी की बर्बादी कम की जा सकती है और संभावित कमी के प्रभाव को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।