Microsoft Layoffs 2026: 60 हजार कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का विकल्प क्यों? AI और डेटा सेंटर पर बढ़ते खर्च से जुड़ा है मामला
- sakshi choudhary
- 27 Oct, 2026
दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में शामिल Microsoft अपने कर्मचारियों और कारोबारी रणनीति को लेकर बड़ा बदलाव कर रही है। कंपनी ने अमेरिका, कनाडा, भारत और ब्रिटेन में पात्र कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का विकल्प पेश किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना के दायरे में करीब 60 हजार कर्मचारी आ सकते हैं। हालांकि, इसे सीधे तौर पर 60 हजार कर्मचारियों की अनिवार्य छंटनी कहना सही नहीं होगा। कंपनी की Voluntary Exit Offer योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को खुद नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया गया है। इसके पीछे AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और क्लाउड कंप्यूटिंग पर बढ़ता खर्च एक अहम वजह बताया जा रहा है। सवाल है कि आखिर Microsoft को ऐसा कदम क्यों उठाना पड़ा और AI की दौड़ में कंपनी की प्राथमिकताएं कैसे बदल रही हैं?
60 हजार कर्मचारियों के लिए क्या है Microsoft की योजना?
रिपोर्ट के अनुसार, Microsoft ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना शुरू की है। इसमें 70 या उससे कम स्तर के कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। CNBC की रिपोर्ट में मामले से जुड़े एक व्यक्ति के हवाले से बताया गया है कि करीब 60 हजार कर्मचारी इस योजना के दायरे में आ सकते हैं।
यह संख्या Microsoft के कुल लगभग 2.23 लाख कर्मचारियों का करीब 22 फीसदी बैठती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी इन सभी कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रही है। योजना में शामिल होना कर्मचारियों की पसंद पर निर्भर करेगा और कंपनी ने कितने लोगों के इसे स्वीकार करने का लक्ष्य रखा है, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पात्र कर्मचारियों को दिसंबर की शुरुआत तक फैसला लेना होगा। जो कर्मचारी इस ऑफर को स्वीकार करेंगे, उनकी नौकरी 31 दिसंबर को समाप्त होने की योजना है।
AI और डेटा सेंटर पर बढ़ता खर्च क्यों बना वजह?
Microsoft AI की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग क्षमता पर भारी निवेश कर रही है। डेटा सेंटर ऐसे बड़े केंद्र होते हैं, जहां हजारों सर्वर रखे जाते हैं। इन्हीं सर्वरों की मदद से क्लाउड सेवाएं, AI मॉडल और ऑनलाइन एप्लिकेशन चलते हैं। Microsoft OpenAI, Anthropic और अन्य कंपनियों को क्लाउड से जुड़ी सेवाएं भी उपलब्ध कराती है। AI टूल इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़ने के साथ इन सेवाओं को चलाने के लिए अधिक कंप्यूटिंग क्षमता, बिजली, चिप्स और डेटा सेंटर की जरूरत पड़ती है। रिपोर्ट में कंपनी के जुलाई के अनुमान का हवाला देते हुए कहा गया है कि सितंबर तिमाही में उसका पूंजीगत खर्च 50 अरब डॉलर से अधिक रहने की उम्मीद थी। तुलना करें तो पिछले साल इसी तिमाही में पूंजीगत खर्च और वित्तीय लीज का संयुक्त आंकड़ा 34.9 अरब डॉलर था। इस तरह कंपनी को एक तरफ AI कारोबार को बढ़ाने के लिए निवेश करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ खर्च और कर्मचारियों से जुड़े संसाधनों को भी संतुलित रखना है। स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर इसी रणनीति का हिस्सा बताया गया है।
क्या AI की वजह से लोगों की नौकरियां जा रही हैं?
Microsoft के इस फैसले से यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या AI इंसानों की नौकरियों की जगह ले रहा है। लेकिन इस मामले में यह कहना सही नहीं होगा कि 60 हजार कर्मचारियों को केवल AI के कारण हटाया जा रहा है। रिपोर्ट में कंपनी के कदम को AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च, कारोबारी मॉडल में बदलाव और वित्तीय दक्षता की जरूरत से जोड़ा गया है। कंपनी अपने कर्मचारियों को AI टूल उपलब्ध करा रही है और काम करने के तरीकों में बदलाव कर रही है। इससे कुछ प्रक्रियाओं में उत्पादकता बढ़ सकती है, लेकिन अलग-अलग भूमिकाओं पर इसका असर अलग हो सकता है। टेक कंपनियों के सामने अब दोहरी चुनौती है। उन्हें AI सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए निवेश करना है और साथ ही अपने कारोबार को आर्थिक रूप से टिकाऊ भी बनाए रखना है। इसलिए कर्मचारियों की संख्या, कौशल और टीमों की संरचना पर दोबारा विचार किया जा रहा है।
पहले भी कर्मचारियों के लिए ऐसी योजना ला चुकी है कंपनी
रिपोर्ट के मुताबिक, Microsoft ने इससे पहले अमेरिका में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम पेश किया था। जुलाई में कंपनी ने 4,800 कर्मचारियों की छंटनी की योजना की भी घोषणा की थी। पहली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना सीमित स्तर के वरिष्ठ कर्मचारियों के लिए थी। नई योजना का दायरा अलग बताया गया है और इसमें उपाध्यक्ष स्तर तक के पात्र कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, दोनों योजनाओं की शर्तें और पात्रता एक जैसी नहीं हैं। कंपनी की मानव संसाधन प्रमुख एमी कोलमैन ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा कि Voluntary Exit Offer का उद्देश्य बदलाव की प्रक्रिया में अधिक लचीलापन देना और कर्मचारियों को अपने करियर के अगले चरण के बारे में फैसला लेने का विकल्प उपलब्ध कराना है।
आगे क्या होगा?
अब यह देखना अहम होगा कि कितने पात्र कर्मचारी इस ऑफर को स्वीकार करते हैं और इसका Microsoft की टीमों तथा खर्च पर कितना असर पड़ता है। कंपनी को AI और क्लाउड कारोबार में निवेश जारी रखते हुए कर्मचारियों की जरूरतों और वित्तीय संसाधनों के बीच संतुलन बनाना होगा।
Microsoft की योजना को 60 हजार कर्मचारियों की अनिवार्य छंटनी के रूप में देखना सही नहीं है। यह पात्र कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प देने वाली योजना है। इसके पीछे AI और डेटा सेंटर पर बढ़ते निवेश के बीच खर्च को संतुलित करने की रणनीति बताई जा रही है। यह मामला दिखाता है कि AI के दौर में टेक कंपनियां केवल नई तकनीक पर निवेश ही नहीं कर रहीं, बल्कि अपने कामकाज और कर्मचारियों की जरूरतों में भी बदलाव कर रही हैं।