Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING
NEWS
● नोएडा में विदेशी नागरिकों से Cyber Fraud करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, Bisrakh Police ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार
● नोएडा सेक्टर-2 में फर्जी Loan Call Center का भंडाफोड़, करोड़ों की Cyber Fraud करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार
● ग्रेटर नोएडा के कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी जांच शुरू, मानक पूरे न करने पर सीलिंग की चेतावनी
● ग्रेटर नोएडा में सफाई व्यवस्था होगी और मजबूत, 3000 नए सफाई कर्मियों की होगी तैनाती
● UP Panchayat News: जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, ब्लॉक प्रमुखों पर भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था
● अलीगढ़ में यमुना प्राधिकरण का बड़ा एक्शन: 450 करोड़ की अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर, डेढ़ लाख वर्गमीटर भूमि कराई कब्जामुक्त
● UP Weather Today: यूपी में मानसून पूरी तरह सक्रिय, 46 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
● नोएडा एयरपोर्ट से श्रीनगर की डायरेक्ट फ्लाइट शुरू, अब सिर्फ 1 घंटा 25 मिनट में पहुंचेंगे यात्री
● UP विधानसभा चुनाव 2027: मेरठ में सपा-कांग्रेस गठबंधन की चर्चाओं से बढ़ी टिकट दावेदारों की बेचैनी
● ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश के बीच जलभराव से निपटने के लिए प्राधिकरण अलर्ट, सीईओ के निर्देश पर फील्ड में डटी रहीं टीमें
ग्रेटर नोएडा में अवैध कॉलोनियों पर बड़ी कार्रवाई, प्राधिकरण ने की रजिस्ट्री पर रोक की माँग
कृषि भूमि पर बिना स्वीकृति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों और विला के रजिस्ट्रेशन और बैनामे तत्काल प्रभाव से रोके जाएं।
- sakshi choudhary
- 22 Jul, 2025
ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने शहर के अधिसूचित क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों और गैरकानूनी प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। प्राधिकरण ने सहायक महानिरीक्षक (निबंधन) को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कृषि भूमि पर बिना स्वीकृति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों और विला के छोटे प्लॉट के बैनामे पर रोक लगाने की मांग की है।
GNIDA के महाप्रबंधक एके सिंह (GM AK Singh) के द्वारा सहायक महानिरीक्षक (निबंधन) को पत्र जारी कर कहा गया है कि सदर और दादरी में 200 से अधिक ऐसे गांव हैं, जो अधिसूचित क्षेत्रों में आते हैं। इनमें से फेज़-1 और फेज़-2 के तहत 124 गांवों की भूमि पर सेक्टरों का नियोजन करते हुए औद्योगिक, संस्थागत और आवासीय योजनाएं चलाई जा रही हैं। लेकिन क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण के कारण प्राधिकरण की योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पा रही है ऐसे में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग और अवैध विला बनाए जा रहे, अगर इनकी रजिस्ट्री पर रोक लग जाये तो अवैध निर्माण को कुछ हद तक रोका जा सकता है।
NGT के निर्देश: हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में कोई निर्माण नहीं
प्राधिकरण ने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के आदेशानुसार हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कुछ गांवों में अवैध प्लॉटिंग और मकानों का निर्माण जारी है। खुले आम हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में प्लॉटिंग हो रही है आम और गरीब लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम 1976 की धारा 9 और 10 के तहत अधिसूचित क्षेत्र की किसी भी भूमि का उपयोग बदलना या विकास करना प्राधिकरण की अनुमति के बिना अवैध है। फिर भी कई स्थानों पर छोटे-छोटे भूखंडों को काटकर प्लॉटिंग की जा रही है। कृषि भूमि को आबादी बता कर रजिस्ट्री कराई जाती है ऐसे छोटे प्लाट की रजिस्ट्री पर रोक लगनी चिहिये।
खरीदारों के लिए चेतावनी: कृषि भूमि पर कॉलोनी बेचना-खरीदना अपराध
प्राधिकरण ने साफ कहा है कि ऐसे भूखंड जिनकी नियोजित अनुमति नहीं ली गई है, वे पूर्णतः अवैध माने जाएंगे। रजिस्ट्री और बैनामा जैसी कोई भी कानूनी प्रक्रिया उन पर लागू नहीं होगी। ग्राम स्तर पर छोटे भूखंडों को काटकर की जा रही प्लॉटिंग आम जनता के साथ धोखा है और इससे खरीददारों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
प्राधिकरण की अपील: खरीद-फरोख्त से पहले जांच लें ज़मीन की वैधता
GNIDA ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी भूमि या भूखंड की खरीद से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वह ज़मीन मास्टर प्लान के अनुरूप है या नहीं। यदि नहीं, तो भविष्य में ऐसी संपत्तियों पर न तो निर्माण की अनुमति होगी, न ही रजिस्ट्री। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह सख्ती अवैध कॉलोनियों पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे शहर के सुनियोजित विकास को गति मिलेगी और आमजन को ठगों से राहत मिलेगी।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *