Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING
NEWS
● लखनऊ में गमला चोरी पर CM Yogi का तंज: “ढाई करोड़ की कार से 45 रुपये का गमला ले जा रहे लोग”
● गौतम बुद्ध नगर की बेटी ममता कुमारी ने राष्ट्रीय हॉकी में बढ़ाया जिले का मान, संघर्ष से सफलता तक की प्रेरणादायक कहानी
● ग्रेटर नोएडा में जनगणना 2027 को लेकर सख्ती, ड्यूटी रिसीव न करने वाले प्रागणकों पर होगी FIR
● ख़बर का असर: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अवैध कालोनियों की सीवर लाइन पर चला बुलडोजर
● ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की OTS Scheme 2026 लागू, फ्लैट आवंटियों को ब्याज और पेनल्टी में बड़ी राहत
● CJI सूर्यकांत का बड़ा बयान: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर याचिका को लेकर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
● गौतमबुद्ध नगर में भीषण गर्मी के चलते 12वीं तक के स्कूल बंद, प्रशासन ने जारी किया आदेश
● ग्रेटर नोएडा: खाना बनाते समय लगी चिंगारी से 30 झुग्गियां जलकर खाक, फायर ब्रिगेड ने 1 घंटे में पाया काबू
● Heatwave Alert: गर्मी बना रही मानसिक रोगी, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
● गौतमबुद्धनगर पुलिस की बड़ी अपील, ईद पर अफवाहों से रहें सावधान, शांति बनाए रखें
ग्रेटर नोएडा में बड़ा फर्जीवाड़ा, प्राधिकरण को 55 लाख का नुकसान
जनता से वसूले जाने वाले पैसे पर डाका डालकर 55 लाख रुपये का चूना लगाने वाले जिम्मेदार कब तक बच पाएंगे
- Kapil Choudhary
- 31 Aug, 2025
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण में चालान हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है। चालानों में गड़बड़ी कर प्राधिकरण को करीब 55 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह खेल 2005 से 2011 के बीच चला। अब इस मामले में संबंधित लोगों पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्राधिकरण के ज़िम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों पर भी होगी क्या कोई कार्रवाई?
एफआईआर दर्ज
प्राधिकरण की आंतरिक जांच में जब यह हेराफेरी पकड़ी गई तो पूरा घोटाला उजागर हुआ।ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सहायक महाप्रबंधक उद्योग सिद्धार्थ गौतम ने सूरजपुर कोतवाली में संबंधित लोगों पर धारा 420, 467, 468, 471 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिसमें दिल्ली के पंकज सिंघल, सैयद हुसैन ताहिर, सैयद आबिद ताहिर, सतीश सिंघल, इरफान अहमद और अरशद इमाम के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है
प्राधिकरणों ऐसे मामलों की हे भरमार
इस घोटाले ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर प्राधिकरण के भीतर इस तरह के खेल कैसे चलते रहे और इसकी निगरानी कौन करता रहा? जनता से वसूले जाने वाले पैसे पर डाका डालकर 55 लाख रुपये का चूना लगाने वाले जिम्मेदार कब तक बच पाएंगे, यह देखने वाली बात होगी।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *