Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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ग्रेटर नोएडा में बड़ा फर्जीवाड़ा, प्राधिकरण को 55 लाख का नुकसान

जनता से वसूले जाने वाले पैसे पर डाका डालकर 55 लाख रुपये का चूना लगाने वाले जिम्मेदार कब तक बच पाएंगे
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ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण में चालान हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है। चालानों में गड़बड़ी कर प्राधिकरण को करीब 55 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह खेल 2005 से 2011 के बीच चला। अब इस मामले में संबंधित लोगों पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्राधिकरण के  ज़िम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों पर भी होगी क्या कोई कार्रवाई?
एफआईआर दर्ज
प्राधिकरण की आंतरिक जांच में जब यह हेराफेरी पकड़ी गई तो पूरा घोटाला उजागर हुआ।ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सहायक महाप्रबंधक उद्योग सिद्धार्थ गौतम ने सूरजपुर कोतवाली में संबंधित लोगों पर धारा 420, 467, 468, 471 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिसमें दिल्ली के पंकज सिंघल, सैयद हुसैन ताहिर, सैयद आबिद ताहिर, सतीश सिंघल, इरफान अहमद और अरशद इमाम के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है
प्राधिकरणों ऐसे मामलों की हे भरमार 
इस घोटाले ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर प्राधिकरण के भीतर इस तरह के खेल कैसे चलते रहे और इसकी निगरानी कौन करता रहा? जनता से वसूले जाने वाले पैसे पर डाका डालकर 55 लाख रुपये का चूना लगाने वाले जिम्मेदार कब तक बच पाएंगे, यह देखने वाली बात होगी।

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