Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Noida Flood: यमुना में उफान, 1000 से ज्यादा फार्महाउस डूबे, फसलें बर्बाद ! नोएडा सेक्टर 167 में बाढ़ से हाहाकार

Noida Flood: उत्तर प्रदेश में लगातार Heavy Rainfall और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी ने हालात बिगाड़ दिए हैं। नोएडा सेक्टर 167 और आसपास के क्षेत्रों में River Yamuna Flood का असर साफ देखा जा रहा है। मंगलवार दोपहर तक यमुना का जलस्तर 199 मीटर को पार कर गया, जबकि खतरे का निशान 200.60 मीटर है। इसके चलते हजारों बीघा जमीन पर खड़ी फसलें डूब गईं और किसानों को भारी नुकसान हुआ।
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Noida Flood: उत्तर प्रदेश में लगातार Heavy Rainfall और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी ने हालात बिगाड़ दिए हैं। नोएडा सेक्टर 167 और आसपास के क्षेत्रों में River Yamuna Flood का असर साफ देखा जा रहा है। मंगलवार दोपहर तक यमुना का जलस्तर 199 मीटर को पार कर गया, जबकि खतरे का निशान 200.60 मीटर है। इसके चलते हजारों बीघा जमीन पर खड़ी फसलें डूब गईं और किसानों को भारी नुकसान हुआ।


भारी जलभराव के कारण डूब क्षेत्र में बने 1000 से अधिक अवैध फार्महाउसों में 5 से 7 फीट तक पानी भर गया। प्रशासन की टीमें सोमवार रात से ही Rescue Operation में जुटी रहीं और हजारों लोगों को सुरक्षित शरणालयों तक पहुंचाया गया। वहीं, कई लोग खुद ही ऊंचे स्थानों पर शरण लेने के लिए निकल पड़े। प्रशासन ने राहत शिविरों में स्वास्थ्य सेवाएं, खाने-पीने और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।


जिलाधिकारी मेधा रूपम ने मंगलवार को बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पुलिस और प्रशासनिक टीमें ट्रैक्टर-ट्रॉली से डूबे हुए फार्महाउसों तक पहुंचीं और जांच की कि कोई अंदर फंसा तो नहीं है। लोगों को चेतावनी दी गई कि जहां पानी नहीं पहुंचा है वहां से भी तुरंत बाहर निकलें। देर रात तक राहत और बचाव कार्य जारी रहा।


बाढ़ का असर केवल इंसानों तक ही सीमित नहीं रहा। डूब क्षेत्र में बनी गोशालाओं से 2000 से अधिक मवेशियों को सुरक्षित निकाला गया और उनके लिए चारे-पानी की व्यवस्था की गई। शरणालयों में Community Kitchen शुरू किए गए हैं, जहां प्रभावित परिवारों को दोनों समय का भोजन कराया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और खतरे का निशान पार होने की स्थिति में और बड़े स्तर पर राहत कार्य किए जाएंगे।

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