Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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नोएडा में पुराने कमर्शियल वाहनों का फिटनेस कराना होगा महंगा, नए शुल्क लागू

नोएडा में 10 साल पुराने कमर्शियल वाहनों का फिटनेस शुल्क अब कई गुना बढ़ गया है। परिवहन विभाग ने भारी, मध्यम और हल्के वाहनों के लिए नए शुल्क लागू किए हैं, जिनमें फिटनेस फीस ₹2,500 से बढ़कर ₹25,000 तक कर दी गई है। नए नियमों के लागू होते ही वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
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ग्रेटर नोएडा। 
10 साल से पुराने कमर्शियल वाहनों का फिटनेस सर्टिफिकेट अब पहले से कई गुना महंगा हो गया है। परिवहन विभाग ने फिटनेस शुल्क में बड़ा इजाफा किया है, जिसके बाद ट्रक, बस, टैक्सी, ऑटो और लोडिंग वाहन चलाने वाले मालिकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा।
नए नियमों के मुताबिक अब फिटनेस शुल्क ₹2,500 से बढ़कर ₹25,000 तक पहुँच गया है। भारी, मध्यम और हल्के वाहनों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं।
भारी वाहनों के लिए शुल्क (10 साल से पुराने)
• भारी माल वाहन: ₹20,000
• भारी पैसेंजर वाहन (बसें): ₹25,000

मध्यम वाहनों के लिए शुल्क
• मध्यम माल वाहन: ₹10,000
• मध्यम पैसेंजर वाहन: ₹15,000

हल्के/छोटे कमर्शियल वाहनों के लिए शुल्क
• ई-रिक्शा/थ्री-व्हीलर: ₹2,000–₹3,000
• हल्का माल वाहन (पिकअप/मिनी ट्रक): ₹7,500

परिवहन विभाग का कहना है कि बढ़ा हुआ शुल्क पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़क से हटाने में मदद करेगा। वहीं वाहन मालिकों का मानना है कि यह बढ़ोतरी बेहद ज़्यादा है और छोटे व्यवसायियों पर भारी असर डालेगी। शुल्क में बढ़ोतरी लागू हो चुकी है और अब सभी पुराने कमर्शियल वाहनों को नई दरों पर ही फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाना होगा।