Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING
NEWS
● लखनऊ में गमला चोरी पर CM Yogi का तंज: “ढाई करोड़ की कार से 45 रुपये का गमला ले जा रहे लोग”
● गौतम बुद्ध नगर की बेटी ममता कुमारी ने राष्ट्रीय हॉकी में बढ़ाया जिले का मान, संघर्ष से सफलता तक की प्रेरणादायक कहानी
● ग्रेटर नोएडा में जनगणना 2027 को लेकर सख्ती, ड्यूटी रिसीव न करने वाले प्रागणकों पर होगी FIR
● ख़बर का असर: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अवैध कालोनियों की सीवर लाइन पर चला बुलडोजर
● ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की OTS Scheme 2026 लागू, फ्लैट आवंटियों को ब्याज और पेनल्टी में बड़ी राहत
● CJI सूर्यकांत का बड़ा बयान: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर याचिका को लेकर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
● गौतमबुद्ध नगर में भीषण गर्मी के चलते 12वीं तक के स्कूल बंद, प्रशासन ने जारी किया आदेश
● ग्रेटर नोएडा: खाना बनाते समय लगी चिंगारी से 30 झुग्गियां जलकर खाक, फायर ब्रिगेड ने 1 घंटे में पाया काबू
● Heatwave Alert: गर्मी बना रही मानसिक रोगी, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
● गौतमबुद्धनगर पुलिस की बड़ी अपील, ईद पर अफवाहों से रहें सावधान, शांति बनाए रखें
नोएडा में पुराने कमर्शियल वाहनों का फिटनेस कराना होगा महंगा, नए शुल्क लागू
नोएडा में 10 साल पुराने कमर्शियल वाहनों का फिटनेस शुल्क अब कई गुना बढ़ गया है। परिवहन विभाग ने भारी, मध्यम और हल्के वाहनों के लिए नए शुल्क लागू किए हैं, जिनमें फिटनेस फीस ₹2,500 से बढ़कर ₹25,000 तक कर दी गई है। नए नियमों के लागू होते ही वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
- Kapil Choudhary
- 26 Nov, 2025
ग्रेटर नोएडा।
10 साल से पुराने कमर्शियल वाहनों का फिटनेस सर्टिफिकेट अब पहले से कई गुना महंगा हो गया है। परिवहन विभाग ने फिटनेस शुल्क में बड़ा इजाफा किया है, जिसके बाद ट्रक, बस, टैक्सी, ऑटो और लोडिंग वाहन चलाने वाले मालिकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा।
नए नियमों के मुताबिक अब फिटनेस शुल्क ₹2,500 से बढ़कर ₹25,000 तक पहुँच गया है। भारी, मध्यम और हल्के वाहनों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं।
भारी वाहनों के लिए शुल्क (10 साल से पुराने)
• भारी माल वाहन: ₹20,000
• भारी पैसेंजर वाहन (बसें): ₹25,000
मध्यम वाहनों के लिए शुल्क
• मध्यम माल वाहन: ₹10,000
• मध्यम पैसेंजर वाहन: ₹15,000
हल्के/छोटे कमर्शियल वाहनों के लिए शुल्क
• ई-रिक्शा/थ्री-व्हीलर: ₹2,000–₹3,000
• हल्का माल वाहन (पिकअप/मिनी ट्रक): ₹7,500
परिवहन विभाग का कहना है कि बढ़ा हुआ शुल्क पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़क से हटाने में मदद करेगा। वहीं वाहन मालिकों का मानना है कि यह बढ़ोतरी बेहद ज़्यादा है और छोटे व्यवसायियों पर भारी असर डालेगी। शुल्क में बढ़ोतरी लागू हो चुकी है और अब सभी पुराने कमर्शियल वाहनों को नई दरों पर ही फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाना होगा।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *