Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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दिल्ली में 53 किमी का Cycling Corridor! तीन साल में पूरा होगा ग्रीन मोबिलिटी का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट

दिल्ली की Green Mobility को नई दिशा देने वाला 53 किलोमीटर लंबा Cycling Corridor अब हकीकत बनने जा रहा है। यमुना किनारे वजीराबाद पुल से लेकर एनएच-24 और आगे कालिंदी कुंज Biodiversity Park तक प्रस्तावित इस मेगा प्रोजेक्ट को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह सिर्फ एक transport project नहीं, बल्कि दिल्ली के पर्यावरण, स्वास्थ्य और पर्यटन को मजबूत करने की एक ऐतिहासिक पहल है। इस ट्रैक के विकसित होने से दिल्ली में eco-friendly transport को बढ़ावा मिलेगा और शहर की हरी-भरी पहचान और भी मजबूत होगी।
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दिल्ली की Green Mobility को नई दिशा देने वाला 53 किलोमीटर लंबा Cycling Corridor अब हकीकत बनने जा रहा है। यमुना किनारे वजीराबाद पुल से लेकर एनएच-24 और आगे कालिंदी कुंज Biodiversity Park तक प्रस्तावित इस मेगा प्रोजेक्ट को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह सिर्फ एक transport project नहीं, बल्कि दिल्ली के पर्यावरण, स्वास्थ्य और पर्यटन को मजबूत करने की एक ऐतिहासिक पहल है। इस ट्रैक के विकसित होने से दिल्ली में eco-friendly transport को बढ़ावा मिलेगा और शहर की हरी-भरी पहचान और भी मजबूत होगी।


दिल्ली सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इस साइकिल ट्रैक को राजधानी के भविष्य की शहरी संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। इस प्रस्तावित कॉरिडोर की खास बात यह है कि यह यमुना के दोनों किनारों पर विकसित होगा और कई स्थानों पर नदी को पार भी करेगा, जिससे एक अनोखा और आकर्षक अनुभव मिलेगा। बैठक में मौजूद डीडीए, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, रेलवे, दिल्ली जल बोर्ड, ऊर्जा विभाग और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों को इस परियोजना को top priority पर लेकर तेजी से काम आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।


विशेषज्ञों का मानना है कि यह 53 km cycling track न केवल प्रदूषण को कम करने में मदद करेगा, बल्कि लोगों को healthy lifestyle अपनाने के लिए भी प्रेरित करेगा। साथ ही, यह दिल्ली के पर्यटन को भी एक नया आयाम देगा, क्योंकि यमुना किनारे विकसित होने वाला यह आधुनिक साइकिल ट्रैक शहरवासियों और पर्यटकों दोनों को आकर्षित करेगा। आने वाले वर्षों में दिल्ली का यह green corridor राजधानी की पहचान को और भी हरित, स्वच्छ और सस्टेनेबल बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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