Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ख़बर का असर: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अवैध कालोनियों की सीवर लाइन पर चला बुलडोजर ● ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की OTS Scheme 2026 लागू, फ्लैट आवंटियों को ब्याज और पेनल्टी में बड़ी राहत ● CJI सूर्यकांत का बड़ा बयान: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर याचिका को लेकर कोर्ट की सख्त टिप्पणी ● गौतमबुद्ध नगर में भीषण गर्मी के चलते 12वीं तक के स्कूल बंद, प्रशासन ने जारी किया आदेश ● ग्रेटर नोएडा: खाना बनाते समय लगी चिंगारी से 30 झुग्गियां जलकर खाक, फायर ब्रिगेड ने 1 घंटे में पाया काबू ● Heatwave Alert: गर्मी बना रही मानसिक रोगी, डॉक्टरों ने दी चेतावनी ● गौतमबुद्धनगर पुलिस की बड़ी अपील, ईद पर अफवाहों से रहें सावधान, शांति बनाए रखें ● सादोपुर की झाल में Global Institute of Vocational and Technology का उद्घाटन, क्षेत्रीय युवाओं को मिलेगा कंप्यूटर शिक्षा का नया मंच ● यूपी के अलीगढ़ में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, तकनीकी खराबी के बाद खेत में उतारा गया जहाज ● Noida SSC Scam: परीक्षा पास कराने के नाम पर करोड़ों की ठगी, 7 आरोपी गिरफ्तार

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के 5 गांवों के भूजल में मिले कैंसर बढ़ाने वाले केमिकल, रिसर्च में बड़ा खुलासा

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के पांच गांवों के भूजल में कैंसर बढ़ाने वाले रसायनों की मौजूदगी सामने आने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
top-news

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के पांच गांवों के भूजल में कैंसर बढ़ाने वाले रसायनों की मौजूदगी सामने आने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। एक हालिया रिसर्च में दावा किया गया है कि इन गांवों के भूमिगत पानी में ऐसे हानिकारक केमिकल पाए गए हैं, जो लंबे समय तक सेवन करने पर गंभीर बीमारियों, खासकर कैंसर का कारण बन सकते हैं। यह अध्ययन पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है।


रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, भूजल के सैंपल की जांच में कुछ खतरनाक रसायनों का स्तर तय मानकों से अधिक पाया गया। इन रसायनों का संबंध औद्योगिक गतिविधियों, रासायनिक अपशिष्ट और बिना उपचार के छोड़े गए गंदे पानी से जोड़ा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और प्रदूषण के स्रोतों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, पर्यावरण विशेषज्ञों ने प्रभावित गांवों में नियमित जल परीक्षण, वैकल्पिक जल स्रोतों की व्यवस्था और प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर निगरानी बढ़ाने की सलाह दी है। यह मामला न केवल ग्रेटर नोएडा बल्कि पूरे एनसीआर क्षेत्र में भूजल की गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *