Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING
NEWS
● ख़बर का असर: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अवैध कालोनियों की सीवर लाइन पर चला बुलडोजर
● ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की OTS Scheme 2026 लागू, फ्लैट आवंटियों को ब्याज और पेनल्टी में बड़ी राहत
● CJI सूर्यकांत का बड़ा बयान: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर याचिका को लेकर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
● गौतमबुद्ध नगर में भीषण गर्मी के चलते 12वीं तक के स्कूल बंद, प्रशासन ने जारी किया आदेश
● ग्रेटर नोएडा: खाना बनाते समय लगी चिंगारी से 30 झुग्गियां जलकर खाक, फायर ब्रिगेड ने 1 घंटे में पाया काबू
● Heatwave Alert: गर्मी बना रही मानसिक रोगी, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
● गौतमबुद्धनगर पुलिस की बड़ी अपील, ईद पर अफवाहों से रहें सावधान, शांति बनाए रखें
● सादोपुर की झाल में Global Institute of Vocational and Technology का उद्घाटन, क्षेत्रीय युवाओं को मिलेगा कंप्यूटर शिक्षा का नया मंच
● यूपी के अलीगढ़ में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, तकनीकी खराबी के बाद खेत में उतारा गया जहाज
● Noida SSC Scam: परीक्षा पास कराने के नाम पर करोड़ों की ठगी, 7 आरोपी गिरफ्तार
NIIMS मेडिकल कॉलेज और यशोदा मेडिसिटी ने आयोजित की 20वीं अंतरराष्ट्रीय स्पाइन एवं पेन वर्कशॉप
नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के नोएडा इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIIMS) मेडिकल कॉलेज ने यशोदा मेडिसिटी, इंदिरापुरम के सहयोग से 20वें अंतरराष्ट्रीय स्पाइन एवं पेन लाइव-कम-कैडैवर वर्कशॉप का सफल आयोजन किया।
- sakshi choudhary
- 22 Dec, 2025
नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के नोएडा इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIIMS) मेडिकल कॉलेज ने यशोदा मेडिसिटी, इंदिरापुरम के सहयोग से 20वें अंतरराष्ट्रीय स्पाइन एवं पेन लाइव-कम-कैडैवर वर्कशॉप का सफल आयोजन किया। यह आठ दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम दर्द प्रबंधन के क्षेत्र में डॉक्टरों की तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक कौशल को विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें भारत और विदेशों से आए कई विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया।
इस अंतरराष्ट्रीय वर्कशॉप का संचालन प्रसिद्ध पेन स्पेशलिस्ट डॉ. नीरज जैन ने किया, जो उनकी लगातार 20वीं प्रशिक्षण वर्कशॉप रही। मुंबई से डॉ. शंतनु मल्लिक ने भी फैकल्टी के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया। NIIMS परिसर में आयोजित कैडैवरिक ट्रेनिंग सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को स्पाइन और क्रॉनिक पेन से जुड़ी उन्नत तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। यशोदा मेडिसिटी की ओर से डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. राजश्री और डॉ. राखी गोयल ने अकादमिक सत्रों में अपने अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर NIIMS के एमएस डॉ. रंजीत घुलियानी ने विश्वविद्यालय नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम चिकित्सा शिक्षा और उन्नत क्लिनिकल प्रशिक्षण को मजबूती प्रदान करते हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि क्रॉनिक पेन आज एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है, जिसमें कमर दर्द, गर्दन दर्द, सायटिका और जोड़ों का दर्द आम है। इस तरह की वर्कशॉप्स नॉन-सर्जिकल दर्द प्रबंधन को बढ़ावा देने के साथ-साथ मरीज-केंद्रित और सुरक्षित उपचार पद्धतियों को प्रोत्साहित करती हैं।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *