Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ख़बर का असर: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अवैध कालोनियों की सीवर लाइन पर चला बुलडोजर ● ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की OTS Scheme 2026 लागू, फ्लैट आवंटियों को ब्याज और पेनल्टी में बड़ी राहत ● CJI सूर्यकांत का बड़ा बयान: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर याचिका को लेकर कोर्ट की सख्त टिप्पणी ● गौतमबुद्ध नगर में भीषण गर्मी के चलते 12वीं तक के स्कूल बंद, प्रशासन ने जारी किया आदेश ● ग्रेटर नोएडा: खाना बनाते समय लगी चिंगारी से 30 झुग्गियां जलकर खाक, फायर ब्रिगेड ने 1 घंटे में पाया काबू ● Heatwave Alert: गर्मी बना रही मानसिक रोगी, डॉक्टरों ने दी चेतावनी ● गौतमबुद्धनगर पुलिस की बड़ी अपील, ईद पर अफवाहों से रहें सावधान, शांति बनाए रखें ● सादोपुर की झाल में Global Institute of Vocational and Technology का उद्घाटन, क्षेत्रीय युवाओं को मिलेगा कंप्यूटर शिक्षा का नया मंच ● यूपी के अलीगढ़ में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, तकनीकी खराबी के बाद खेत में उतारा गया जहाज ● Noida SSC Scam: परीक्षा पास कराने के नाम पर करोड़ों की ठगी, 7 आरोपी गिरफ्तार

GBU: लोकायुक्त की रिपोर्ट मांग के बाद जीबीयू के कुलसचिव हटाए गए, भर्ती और फीस घोटाले के आरोप तेज

ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) में नौकरी और फीस में कथित धांधली के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है।
top-news

ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) में नौकरी और फीस में कथित धांधली के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। लोकायुक्त द्वारा रिकॉर्ड तलब किए जाने के बाद कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कुलसचिव डॉ. विश्वास त्रिपाठी को पद से हटा दिया है। लोकायुक्त ने कुलसचिव को 9 जनवरी तक रिकॉर्ड के साथ पेश होने का निर्देश दिया था। विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उनकी जगह स्कूल ऑफ वोकेशनल के डीन डॉ. चंदर कुमार सिंह को प्रभारी कुलसचिव का चार्ज सौंपा गया है।


पद से हटाए गए कुलसचिव डॉ. विश्वास त्रिपाठी ने इस कार्रवाई को साजिश करार देते हुए आरोप लगाया है कि जांच समिति ने कभी उनसे संपर्क नहीं किया और न ही कोई नोटिस दिया गया। उन्होंने दावा किया कि लोकायुक्त का पत्र आने के बाद उन्होंने संबंधित विभागों को भर्ती फाइलों से छेड़छाड़ न करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय में फाइलों के साथ छेड़छाड़ हुई है और जैम पोर्टल से खरीदारी में भी अनियमितताएं की गई हैं।

इधर समाजवादी छात्र सभा ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर बड़े पैमाने पर भर्ती और फीस में घोटाले का आरोप लगाया है। छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मोहित नागर का दावा है कि छात्रों की फीस से 20 से 25 लाख रुपये की हेराफेरी हुई है। उन्होंने बैलेंस शीट सार्वजनिक करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि 5 जनवरी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. विनीत ने बताया कि लोकायुक्त को जवाब दिया जाएगा और मामले की जांच के लिए आंतरिक समिति गठित की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *