Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING
NEWS
● ख़बर का असर: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अवैध कालोनियों की सीवर लाइन पर चला बुलडोजर
● ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की OTS Scheme 2026 लागू, फ्लैट आवंटियों को ब्याज और पेनल्टी में बड़ी राहत
● CJI सूर्यकांत का बड़ा बयान: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर याचिका को लेकर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
● गौतमबुद्ध नगर में भीषण गर्मी के चलते 12वीं तक के स्कूल बंद, प्रशासन ने जारी किया आदेश
● ग्रेटर नोएडा: खाना बनाते समय लगी चिंगारी से 30 झुग्गियां जलकर खाक, फायर ब्रिगेड ने 1 घंटे में पाया काबू
● Heatwave Alert: गर्मी बना रही मानसिक रोगी, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
● गौतमबुद्धनगर पुलिस की बड़ी अपील, ईद पर अफवाहों से रहें सावधान, शांति बनाए रखें
● सादोपुर की झाल में Global Institute of Vocational and Technology का उद्घाटन, क्षेत्रीय युवाओं को मिलेगा कंप्यूटर शिक्षा का नया मंच
● यूपी के अलीगढ़ में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, तकनीकी खराबी के बाद खेत में उतारा गया जहाज
● Noida SSC Scam: परीक्षा पास कराने के नाम पर करोड़ों की ठगी, 7 आरोपी गिरफ्तार
नोएडा सेक्टर-145 अंडरपास निर्माण में पेड़ कटाई पर सवाल, ट्रांसप्लांट की मांग तेज
नोएडा के सेक्टर-145 में अंडरपास निर्माण के लिए 300 से अधिक विकसित पेड़ों की कटाई को लेकर पर्यावरणीय चिंता गहराती जा रही है।
- sakshi choudhary
- 13 Jan, 2026
नोएडा के सेक्टर-145 में अंडरपास निर्माण के लिए 300 से अधिक विकसित पेड़ों की कटाई को लेकर पर्यावरणीय चिंता गहराती जा रही है। पर्यावरणविद विक्रांत तोंगड़ ने इस मुद्दे पर डीएफओ और नोएडा प्राधिकरण को ईमेल भेजकर पेड़ों की कटाई पर तुरंत रोक लगाने और उन्हें ट्रांसप्लांट करने की मांग की है। उनका कहना है कि आसपास खाली ग्रीन बेल्ट जमीन उपलब्ध है, जहां इन पेड़ों को सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया जा सकता है, जिससे development और environment के बीच संतुलन बना रह सके।
विक्रांत ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि पेड़ काटने की दी गई अनुमति पर दोबारा विचार किया जाए और केवल tree transplantation को ही मंजूरी दी जाए। उन्होंने कहा कि नोएडा में लगातार हरियाली कम हो रही है और ऐसे समय में परिपक्व पेड़ों की कटाई से air quality और ecological balance पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि Forest Research Institute देहरादून जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद से ट्रांसप्लांटेशन को सफल बनाया जा सकता है।
पर्यावरणविद ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रैफिक मूवमेंट को बेहतर बनाने के लिए अंडरपास जरूरी है, लेकिन आधुनिक तकनीक और पर्याप्त फंड होने के बावजूद पुराने तरीकों से पेड़ों को काटना उचित नहीं है। एक स्थानीय environmental organization के रूप में उनकी टीम पेड़ ट्रांसप्लांटेशन प्रक्रिया में सहयोग देने और अपनी services मुफ्त में उपलब्ध कराने को तैयार है। उनका मानना है कि sustainable development के लिए infrastructure projects में green solutions को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *