Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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भारतीय किसान यूनियन ने भारत-अमेरिका कृषि व्यापार संधि का विरोध किया, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

भारतीय किसान यूनियन मंच के तत्वावधान में तहसील दादरी में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई कृषि व्यापार संधि के खिलाफ किसानों ने विरोध जताया। मास्टर मनमिंदर भाटी, राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि इस समझौते के कारण भारतीय किसानों को गंभीर आर्थिक एवं सामाजिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि विदेशी कृषि उत्पादों के सस्ते आयात से स्थानीय फसलों के दाम गिरेंगे और उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा।
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भारतीय किसान यूनियन मंच के तत्वावधान में तहसील दादरी में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई कृषि व्यापार संधि के खिलाफ किसानों ने विरोध जताया। मास्टर मनमिंदर भाटी, राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि इस समझौते के कारण भारतीय किसानों को गंभीर आर्थिक एवं सामाजिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि विदेशी कृषि उत्पादों के सस्ते आयात से स्थानीय फसलों के दाम गिरेंगे और उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा।


इस अवसर पर डॉ. यामीन, राष्ट्रीय संगठन मंत्री ने स्पष्ट किया कि छोटे और सीमांत किसान आर्थिक संकट में फंस सकते हैं और देश की कृषि आत्मनिर्भरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अक्षय मुखिया, ज़िलाध्यक्ष ने कहा कि किसानों की पहले से ही मुश्किलें बढ़ रही हैं, और लगातार क़र्ज़ में डूबे हुए किसान आत्महत्या जैसी स्थिति में पहुँच रहे हैं। विक्रांत भाटी, प्रदेश प्रभारी ने भी सरकार से आग्रह किया कि इस समझौते की पुनः समीक्षा की जाए।


कृष्ण भड़ाना, प॰उत्तर प्रदेश अध्यक्ष ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को क़ानूनी गारंटी प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मौके पर अजब सिंह भाटी, अब्दुल कादिर, विकास कलशन, दानिश, संजय भाटी, दीपांशु भाटी सहित कई अन्य किसान भी उपस्थित रहे। किसानों ने राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन सौंपते हुए अपने सुझाव और चिंताओं को साझा किया, ताकि देश के किसान सुरक्षित और आर्थिक रूप से सशक्त बने रहें।