Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ग्रेटर नोएडा में सफाई व्यवस्था होगी और मजबूत, 3000 नए सफाई कर्मियों की होगी तैनाती ● UP Panchayat News: जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, ब्लॉक प्रमुखों पर भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था ● अलीगढ़ में यमुना प्राधिकरण का बड़ा एक्शन: 450 करोड़ की अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर, डेढ़ लाख वर्गमीटर भूमि कराई कब्जामुक्त ● UP Weather Today: यूपी में मानसून पूरी तरह सक्रिय, 46 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट ● नोएडा एयरपोर्ट से श्रीनगर की डायरेक्ट फ्लाइट शुरू, अब सिर्फ 1 घंटा 25 मिनट में पहुंचेंगे यात्री ● UP विधानसभा चुनाव 2027: मेरठ में सपा-कांग्रेस गठबंधन की चर्चाओं से बढ़ी टिकट दावेदारों की बेचैनी ● ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश के बीच जलभराव से निपटने के लिए प्राधिकरण अलर्ट, सीईओ के निर्देश पर फील्ड में डटी रहीं टीमें ● ग्रेटर नोएडा वेस्ट: भारी बारिश से श्री राधा स्काई गार्डन के पास लंदन मार्ट की बाउंड्री वॉल गिरी, सड़क भी धंसी ● पेट्रोल ₹102 नहीं, ₹82 लीटर होना चाहिए: अरविंद केजरीवाल का केंद्र पर बड़ा हमला ● नोएडा में बारिश से जलभराव का संकट! सेक्टर-34 के अपार्टमेंट डूबे

भारतीय किसान यूनियन ने भारत-अमेरिका कृषि व्यापार संधि का विरोध किया, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

भारतीय किसान यूनियन मंच के तत्वावधान में तहसील दादरी में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई कृषि व्यापार संधि के खिलाफ किसानों ने विरोध जताया। मास्टर मनमिंदर भाटी, राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि इस समझौते के कारण भारतीय किसानों को गंभीर आर्थिक एवं सामाजिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि विदेशी कृषि उत्पादों के सस्ते आयात से स्थानीय फसलों के दाम गिरेंगे और उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा।
top-news

भारतीय किसान यूनियन मंच के तत्वावधान में तहसील दादरी में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई कृषि व्यापार संधि के खिलाफ किसानों ने विरोध जताया। मास्टर मनमिंदर भाटी, राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि इस समझौते के कारण भारतीय किसानों को गंभीर आर्थिक एवं सामाजिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि विदेशी कृषि उत्पादों के सस्ते आयात से स्थानीय फसलों के दाम गिरेंगे और उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा।


इस अवसर पर डॉ. यामीन, राष्ट्रीय संगठन मंत्री ने स्पष्ट किया कि छोटे और सीमांत किसान आर्थिक संकट में फंस सकते हैं और देश की कृषि आत्मनिर्भरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अक्षय मुखिया, ज़िलाध्यक्ष ने कहा कि किसानों की पहले से ही मुश्किलें बढ़ रही हैं, और लगातार क़र्ज़ में डूबे हुए किसान आत्महत्या जैसी स्थिति में पहुँच रहे हैं। विक्रांत भाटी, प्रदेश प्रभारी ने भी सरकार से आग्रह किया कि इस समझौते की पुनः समीक्षा की जाए।


कृष्ण भड़ाना, प॰उत्तर प्रदेश अध्यक्ष ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को क़ानूनी गारंटी प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मौके पर अजब सिंह भाटी, अब्दुल कादिर, विकास कलशन, दानिश, संजय भाटी, दीपांशु भाटी सहित कई अन्य किसान भी उपस्थित रहे। किसानों ने राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन सौंपते हुए अपने सुझाव और चिंताओं को साझा किया, ताकि देश के किसान सुरक्षित और आर्थिक रूप से सशक्त बने रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *