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अस्पताल में इलाज से पहले पैसे की मांग का आरोप, ढाई साल के गगन की मौत; परिजनों ने डॉक्टरों की लापरवाही और पुलिस दबाव का लगाया आरोप
ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में इलाज को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जहां ढाई साल के मासूम गगन की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों की लापरवाही और पुलिस के दबाव का आरोप लगाया है।
- sakshi choudhary
- 07 Mar, 2026
ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में इलाज को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जहां ढाई साल के मासूम गगन की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों की लापरवाही और पुलिस के दबाव का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि डॉक्टरों को अक्सर धरती का भगवान कहा जाता है, लेकिन इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के मुताबिक, अगर समय पर इलाज शुरू हो जाता तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को परी चौक के पास एक तीन मंजिला इमारत से गिरने के कारण ढाई वर्षीय गगन गंभीर रूप से घायल हो गया था। गगन के परिजन मजदूरी का काम करते हैं। पहले उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन गगन को लेकर ग्रेटर नोएडा के बड़े अस्पताल पहुंचे और तुरंत इलाज शुरू करने की गुहार लगाई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में पहले 28 हजार रुपये जमा कराने की मांग की गई और बाद में बताया गया कि इलाज में रोजाना करीब 70 हजार रुपये का खर्च आएगा।
परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने इलाज शुरू करने का आश्वासन दिया, लेकिन करीब एक से डेढ़ घंटे तक कोई उपचार नहीं किया गया और बाद में गगन को मृत घोषित कर दिया गया। उनका आरोप है कि बच्चे को प्राथमिक उपचार तक नहीं दिया गया। परिजनों का यह भी कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने शव देने से पहले भी 28 हजार रुपये जमा कराने की बात कही। हंगामे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा भरकर गगन का शव परिजनों को सौंप दिया और उन्हें अस्पताल से बाहर कर दिया। अब परिवार डॉक्टरों की लापरवाही और पुलिस के रवैये को लेकर न्याय की मांग कर रहा है।