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ग्रेटर नोएडा में मियावाकी पद्धति से बनेगा नया वन क्षेत्र, रायपुर बांगर में एक लाख पौधे लगाने की पहल

ग्रेटर नोएडा में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने रायपुर बांगर के पास एक बड़े वन क्षेत्र के विकास की पहल शुरू की है।
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ग्रेटर नोएडा में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने रायपुर बांगर के पास एक बड़े वन क्षेत्र के विकास की पहल शुरू की है। इस परियोजना के तहत मियावाकी पद्धति से करीब एक लाख देसी पौधे लगाए जाएंगे। शनिवार को प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने पौधरोपण कर इस अभियान का शुभारंभ किया। यह पहल पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस और कैच फाउंडेशन द्वारा CSR Fund के माध्यम से की जा रही है, जबकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इसके लिए ग्रीन बेल्ट की जमीन उपलब्ध कराई है।


प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक उद्यान अजीत भाई पटेल ने बताया कि रायपुर बांगर के आसपास मौजूद औद्योगिक क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए इस ग्रीन बेल्ट को विकसित किया जा रहा है। मियावाकी पद्धति के जरिए घने और बहुस्तरीय वन विकसित किए जाते हैं, जिसमें विभिन्न स्वदेशी प्रजातियों को नजदीक लगाकर तेजी से विकसित होने वाला पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जाता है। इस पद्धति का मुख्य उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य को बहाल करना, जैव विविधता को बढ़ाना और शहरी क्षेत्रों में हरित क्षेत्र का विस्तार करना है।

कैच फाउंडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष भरत सिसोदिया ने बताया कि फाउंडेशन अगले तीन वर्षों तक इस वृक्षारोपण परियोजना की देखभाल और निगरानी करेगा। इस दौरान सिंचाई, मिट्टी का पोषण, मल्चिंग, पौधों की जीवित रहने की निगरानी और आवश्यकतानुसार रिक्त स्थानों को भरने जैसी प्रक्रियाएं अपनाई जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस की ओर से मुख्य मानव संसाधन अधिकारी सतीश कुमार सिंह, कंपनी सचिव वीना कामत और आईटी प्रमुख अनुभव राजपूत भी मौजूद रहे। यह परियोजना शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, climate adaptation और sustainable urban ecosystem को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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