Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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तबादला आदेशों की अनदेखी पर योगी सरकार सख्त, नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों से मांगी रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश सरकार ने तबादला आदेशों के अनुपालन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। शासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वर्ष 2025 में जारी स्थानांतरण आदेशों के बावजूद कई अधिकारी और कर्मचारी अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर रहे हैं। इस गंभीर मामले को देखते हुए औद्योगिक विकास अनुभाग-4 ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने तबादला आदेशों के अनुपालन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। शासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वर्ष 2025 में जारी स्थानांतरण आदेशों के बावजूद कई अधिकारी और कर्मचारी अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर रहे हैं। इस गंभीर मामले को देखते हुए औद्योगिक विकास अनुभाग-4 ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


संयुक्त सचिव नितेश कुमार शुक्ला द्वारा जारी पत्र में साफ निर्देश दिए गए हैं कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने अब तक अपनी नई तैनाती पर जॉइनिंग नहीं की है, उनके मामलों की विस्तृत समीक्षा की जाए और तत्काल अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। इसके साथ ही संबंधित प्राधिकरणों को यह भी कहा गया है कि वे व्यक्तिगत स्तर पर रुचि लेकर इस पूरे मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करें। शासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। इस कदम से प्रशासनिक व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।


शासन के इस सख्त रुख के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरणों में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही लंबित तबादला मामलों की समीक्षा कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और जिन अधिकारियों ने आदेशों का पालन नहीं किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है। यह कदम उत्तर प्रदेश सरकार की उस नीति को दर्शाता है, जिसमें प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही और आदेशों की अवहेलना पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस कार्रवाई से सरकारी सिस्टम में अनुशासन और तेजी दोनों देखने को मिल सकती है।