Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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ग्रेटर नोएडा में 1200 करोड़ का इंटिग्रेटेड मास्टर प्लान, जलापूर्ति-सीवर और ड्रेनेज सिस्टम होगा हाईटेक

ग्रेटर नोएडा में जलापूर्ति, सीवर और ड्रेनेज व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब इन तीनों व्यवस्थाओं को अलग-अलग संचालित करने के बजाय एक ही इंटिग्रेटेड मास्टर प्लान के तहत विकसित करेगा।
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ग्रेटर नोएडा में जलापूर्ति, सीवर और ड्रेनेज व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब इन तीनों व्यवस्थाओं को अलग-अलग संचालित करने के बजाय एक ही इंटिग्रेटेड मास्टर प्लान के तहत विकसित करेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 1200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें नए इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण और उसके रखरखाव दोनों शामिल होंगे। प्राधिकरण ने कंसल्टेंट की सहायता से इस मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और इसे जल्द ही बोर्ड बैठक में मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जा सकता है। वर्तमान में जलापूर्ति, सीवर और ड्रेनेज का कार्य तीन अलग-अलग विभागों द्वारा किया जाता है, लेकिन नई योजना के लागू होने के बाद इन सभी का समन्वित और तकनीक आधारित प्रबंधन संभव होगा।


इस इंटिग्रेटेड मास्टर प्लान का मुख्य उद्देश्य शहर में जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। योजना के तहत बारिश के पानी को नालों के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से एकत्र कर उसका पुनः उपयोग किया जाएगा। साथ ही, सीवर लाइन और ड्रेनेज सिस्टम को अलग-अलग विकसित किया जाएगा ताकि वर्षा का पानी सीवेज से प्रदूषित न हो। इसके अलावा, जलापूर्ति की क्षमता के अनुरूप ही सीवरेज निस्तारण का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य में बढ़ती आबादी की जरूरतों को भी आसानी से पूरा किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, इस योजना में अत्याधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम भी शामिल होगा, जिससे जलापूर्ति, सीवर और ड्रेनेज नेटवर्क की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।


योजना के तहत करीब 245 एमएलडी क्षमता के दो नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। इनमें से एक एसटीपी ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बनाया जाएगा, जिससे हिंडन नदी में प्रदूषित पानी जाने से रोका जा सकेगा और नदी के पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी के अनुसार, कंसल्टेंट कंपनी जल्द ही ड्राफ्ट मास्टर प्लान का विस्तृत प्रेजेंटेशन देगी। आवश्यक संशोधनों के बाद इसे अंतिम मंजूरी देकर कार्य शुरू किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल शहर की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करेगी, बल्कि भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा को एक अधिक टिकाऊ, स्वच्छ और स्मार्ट शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।