ग्रेटर नोएडा में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। शहर के जर्जर हो चुके 45 बस स्टैंड का पुनर्निर्माण कर उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके लिए प्राधिकरण ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी करते हुए इच्छुक कंपनियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 6 जुलाई निर्धारित की गई है। अधिकारियों के अनुसार निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले एक महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। यह परियोजना बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) मॉडल पर लागू होगी, जिसके तहत चयनित निजी कंपनी बस स्टैंड का निर्माण करने के साथ 15 वर्षों तक उसका संचालन और रखरखाव भी करेगी। कंपनी को बस स्टैंड पर विज्ञापन करने की अनुमति होगी, जिससे होने वाली आय का उपयोग संचालन और रखरखाव पर किया जाएगा।
नई योजना के तहत बस स्टैंड को यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जाएगा। प्रत्येक बस स्टैंड पर सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और डिजिटल रूट डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। प्राधिकरण का उद्देश्य इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा के विस्तार के साथ यात्रियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। फिलहाल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और प्रमुख मार्गों पर 25 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जा रही हैं, जबकि भविष्य में बसों की संख्या बढ़ाकर शहर के सभी सेक्टरों और आसपास के कस्बों को इस सेवा से जोड़ने की योजना है। इसके साथ ही चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे ताकि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। ग्रेटर नोएडा वेस्ट और 130 मीटर चौड़ी सड़क पर आवश्यकता के अनुसार नए बस स्टैंड भी बनाए जाएंगे, जिससे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सके।
प्राधिकरण के अर्बन सर्विसेज विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव ने बताया कि प्रथम चरण में सूरजपुर-कासना मार्ग, कलेक्ट्रेट, जगत फार्म, बीटा-1, अल्फा-1, परी चौक, गामा-1, गामा-2, अल्फा-2, सम्राट मिहिर भोज सिटी पार्क और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए निर्धारित चार मार्गों पर स्थित 45 बस स्टैंड का पुनर्निर्माण किया जाएगा। शहर में वर्तमान में 75 से अधिक बस स्टैंड हैं, जिनका चरणबद्ध तरीके से विकास किया जाएगा। लंबे समय से रखरखाव के अभाव में अधिकांश बस स्टैंड की छतें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और कई स्थानों पर टीन की चादरें टूटकर लटक रही हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि कुमार एनजी ने कहा कि इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए बस स्टैंड का आधुनिकीकरण आवश्यक है और इसी उद्देश्य से अर्बन सर्विसेज विभाग को पुनर्निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।