तेज बारिश ने खोली ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की पोल, Alpha 2 सेक्टर में जलभराव से परेशान लोग
- sakshi choudhary
- 05 Aug, 2026
ग्रेटर नोएडा में तेज बारिश ने एक बार फिर जल निकासी व्यवस्था और प्राधिकरण के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के प्रमुख और बेहतर सेक्टरों में शुमार अल्फा 2 सेक्टर में बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव की स्थिति देखने को मिली। सड़कों पर पानी जमा होने से स्थानीय निवासियों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई लोगों को पानी के बीच से होकर अपने घरों और जरूरी कामों के लिए निकलने को मजबूर होना पड़ रहा है। बारिश के पानी ने सड़क, पार्किंग और आसपास के हिस्सों को प्रभावित किया है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से मानसून से पहले शहर के नालों और जल निकासी व्यवस्था की सफाई को लेकर बड़े दावे किए गए थे। बताया गया था कि बारिश के मौसम को देखते हुए नालों की सफाई और जल निकासी की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि बारिश के दौरान शहर में जलभराव की समस्या न हो। लेकिन तेज बारिश के बाद अल्फा 2 में जलभराव की तस्वीरें इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर मानसून से पहले नालों की सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त किया गया था, तो कुछ ही देर की तेज बारिश में सड़कों पर इतना पानी क्यों जमा हो गया? लोगों का आरोप है कि जल निकासी की समस्या हर बारिश में सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा में बारिश और जलभराव की यह स्थिति शहर की मानसूनी तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जलभराव के कारण पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर तेज बारिश का दौर आगे भी जारी रहा, तो शहर के दूसरे सेक्टरों में भी हालात बिगड़ सकते हैं। स्थानीय निवासियों ने प्राधिकरण से मांग की है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल पानी की निकासी कराई जाए और नालों की सफाई की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए। अब देखना होगा कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इन समस्याओं पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और क्या आने वाली बारिश में जलभराव से लोगों को राहत मिल पाती है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *