Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय परशुराम परिषद का ऐलान, जंतर-मंतर पर होगा विरोध प्रदर्शन

आरक्षण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज होती नजर आ रही है। नोएडा में राष्ट्रीय परशुराम परिषद ने आरक्षण समाप्त करने की मांग उठाई है। परिषद का कहना है कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के कारण मेधावी छात्रों को उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर नहीं मिल पा रहा है।
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आरक्षण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज होती नजर आ रही है। नोएडा में राष्ट्रीय परशुराम परिषद ने आरक्षण समाप्त करने की मांग उठाई है। परिषद का कहना है कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के कारण मेधावी छात्रों को उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर नहीं मिल पा रहा है। परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष शर्मा ने कहा कि आरक्षण का सबसे पहला प्रभाव शिक्षा के क्षेत्र में दिखाई देता है, जहां अच्छे अंक हासिल करने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों को कई बार दाखिले और अवसरों से वंचित होना पड़ता है। परिषद का दावा है कि इस व्यवस्था पर नए सिरे से विचार किए जाने की जरूरत है, ताकि सभी छात्रों को उनकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर समान अवसर मिल सकें।


मनीष शर्मा ने कहा कि आरक्षण सबसे पहले शिक्षा व्यवस्था से हटना चाहिए। उनका तर्क है कि सामान्य श्रेणी के कई छात्र बेहतर अंक हासिल करने के बावजूद सीटों और अवसरों की कमी के कारण पीछे रह जाते हैं, जबकि आरक्षित श्रेणियों के छात्रों को कम अंकों पर भी आरक्षण का लाभ मिल जाता है। परिषद का मानना है कि इससे शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और अवसरों को लेकर असंतुलन पैदा होता है। हालांकि, आरक्षण व्यवस्था का उद्देश्य ऐतिहासिक और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों को प्रतिनिधित्व और अवसर उपलब्ध कराना रहा है, इसलिए इस मुद्दे पर अलग-अलग वर्गों और संगठनों के बीच लंबे समय से मतभेद भी रहे हैं। राष्ट्रीय परशुराम परिषद अब इसी व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर अपनी आवाज और तेज करने की तैयारी में है।


परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष शर्मा के मुताबिक, आरक्षण के विरोध में जल्द ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए परिषद की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। संगठन का कहना है कि प्रदर्शन के जरिए सरकार तक अपनी मांग पहुंचाई जाएगी और शिक्षा में समान अवसर की व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई जाएगी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर परिषद की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। आरक्षण जैसे संवेदनशील और व्यापक सामाजिक मुद्दे पर होने वाले इस प्रदर्शन पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की नजर भी रहेगी। अब देखना होगा कि राष्ट्रीय परशुराम परिषद के इस प्रस्तावित प्रदर्शन के बाद आरक्षण व्यवस्था को लेकर बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है।