Greater Noida Rape-Murder: 6 साल की बच्ची से दरिंदगी पर भड़के अखिलेश यादव
- sakshi choudhary
- 30 Aug, 2026
ग्रेटर नोएडा में छह साल की मासूम बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को ‘रीढ़ कंपा देने वाला’ बताते हुए यूपी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि ग्रेटर नोएडा में अल्पसंख्यक समुदाय की छह वर्षीय बच्ची के साथ हुई कथित दरिंदगी और हत्या की घटना बेहद भयावह है और इससे प्रदेश के माता-पिता में अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर डर पैदा हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर प्रदेश में कानून-व्यवस्था इतनी ढीली कैसे हो गई कि अपराधियों में सत्ता का डर खत्म होता जा रहा है। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सत्ता से जुड़े लोगों के अपराधों को दबाने और छिपाने की प्रवृत्ति से दूसरे अपराधियों के हौसले भी बढ़ते हैं।
जानकारी के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा के हल्दौनी गांव में छह वर्षीय बच्ची 28 अगस्त को घर से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने CCTV फुटेज और अन्य सुरागों की मदद से जांच आगे बढ़ाई और बाद में बच्ची का शव एक बोरे में बरामद होने की बात सामने आई। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया, जिसकी पहचान बलराज के रूप में हुई। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को बाद में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में गुस्सा और आक्रोश है, जबकि मासूम बच्ची के साथ हुई इस कथित वारदात ने महिला और बाल सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण पुलिस व्यवस्था पर असर पड़ा है और कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के अपराधियों के साथ मिलीभगत करने के आरोप भी लगाए। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार और पुलिस प्रशासन की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है। इस घटना ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है। पीड़ित परिवार को न्याय और घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की मांग भी लगातार उठ रही है।