Ghaziabad: अजनारा इंटीग्रिटी सोसाइटी में सुविधाएं अधूरी, मेंटेनेंस बढ़ाने और मनमाने बिजली शुल्क का आरोप
- sakshi choudhary
- 04 Sep, 2026
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित अजनारा इंटीग्रिटी सोसाइटी के निवासियों ने बिल्डर पर मूलभूत सुविधाएं पूरी नहीं करने और इसके बावजूद लगातार मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने का आरोप लगाया है। निवासियों का कहना है कि सोसाइटी में कई जरूरी सुविधाएं अभी तक पूरी तरह विकसित नहीं हुई हैं, जबकि उनसे मेंटेनेंस के नाम पर बढ़ी हुई राशि वसूली जा रही है। इसके अलावा बिजली के नाम पर भी अलग-अलग तरह के मनमाने चार्ज लिए जाने का आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर सोसाइटी के निवासियों ने जिलाधिकारी गाजियाबाद से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है। साथ ही गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के उपाध्यक्ष के समक्ष भी अपनी शिकायत रखी है। निवासियों का कहना है कि फ्लैट का कब्जा मिलने के करीब 18 महीने बाद भी परियोजना की कई महत्वपूर्ण सुविधाएं अधूरी पड़ी हैं, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
शिकायत के मुताबिक, सोसाइटी में एसटीपी यानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, जिम, क्लब और बच्चों के खेलने के क्षेत्र समेत कई सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इसके साथ ही फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र, पार्किंग व्यवस्था, बिजली के स्थायी कनेक्शन, लिफ्ट और बेसमेंट में जलभराव जैसी समस्याओं का भी उल्लेख किया गया है। निवासियों का आरोप है कि जब सोसाइटी की कई सुविधाएं अभी तक पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं, तब मेंटेनेंस शुल्क में लगातार बढ़ोतरी उचित नहीं है। बिजली बिल और अन्य शुल्कों को लेकर भी पारदर्शिता की मांग की गई है। शिकायत में ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट, कंप्लीशन सर्टिफिकेट और जरूरी एनओसी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है। निवासियों के अनुसार, अधूरी सुविधाओं के बीच बढ़ता मेंटेनेंस और बिजली के अतिरिक्त शुल्क परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहे हैं।
निवासियों ने जिला प्रशासन और GDA से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि स्वीकृत योजना और नियमों के मुताबिक सोसाइटी में जो सुविधाएं प्रस्तावित हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा कराया जाना चाहिए। साथ ही मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने के आधार और बिजली के नाम पर वसूले जा रहे विभिन्न चार्ज की भी जांच होनी चाहिए। निवासियों की मांग है कि संबंधित अधिकारियों की ओर से सोसाइटी की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, बिजली कनेक्शन और आवश्यक प्रमाणपत्रों की स्थिति का सत्यापन कराया जाए। उनका कहना है कि घर का कब्जा मिलने के बाद भी यदि मूलभूत सुविधाएं अधूरी रहती हैं और इसके साथ शुल्क लगातार बढ़ता है, तो इसका सीधा असर निवासियों के बजट पर पड़ता है। अब शिकायत के बाद प्रशासन और GDA की जांच और कार्रवाई पर सभी की नजर है।