Greater Noida: GBU छात्र को सरकार विरोधी बातें फैलाने का नोटिस, विवाद के बाद पुलिस ने लिया वापस
- sakshi choudhary
- 08 Sep, 2026
ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) के एक छात्र को सरकार के खिलाफ छात्रों को भड़काने और कथित तौर पर भ्रामक बातें फैलाने के आरोप में जारी किया गया नोटिस विवाद के बाद वापस ले लिया गया है। मामला जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में छात्र के शामिल होने से जुड़ा बताया जा रहा है। कार्यपालक मजिस्ट्रेट तृतीय, ग्रेटर नोएडा कमिश्नरेट की अदालत ने शांति भंग की आशंका को लेकर छात्र अक्षत त्रिपाठी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। पुलिस का कहना था कि छात्र विश्वविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को किसी राजनीतिक दल के प्रस्तावित धरने में शामिल होने के लिए उकसा रहा था। यह मामला ईकोटेक-1 थाने में दर्ज वाद से जुड़ा है, जिसमें सरकार बनाम अक्षत त्रिपाठी को विपक्षी बनाया गया था।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, अक्षत त्रिपाठी मूल रूप से प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र के शिव विहार हवेलिया के रहने वाले हैं और वर्तमान में गौतमबुद्धनगर में रहकर विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। पुलिस का आरोप था कि उनकी गतिविधियों के कारण विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है और लड़ाई-झगड़े के जरिए शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका है। इसी रिपोर्ट के आधार पर मजिस्ट्रेट ने माना कि उपलब्ध तथ्यों से शांति भंग की प्रबल संभावना बनती है और धारा 126/135 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई का पर्याप्त आधार है। इसके बाद 4 सितंबर को धारा 130 बीएनएसएस के तहत नोटिस जारी कर छात्र से जवाब मांगा गया था। नोटिस में छह महीने तक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 5 लाख रुपये के निजी बंध पत्र और इतनी ही राशि की दो प्रतिभूतियां प्रस्तुत करने के संबंध में कारण स्पष्ट करने को कहा गया था। मामले की सुनवाई के लिए 5 सितंबर की तारीख तय की गई थी।
हालांकि, नोटिस जारी होने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। इसके बाद पुलिस ने नोटिस वापस लेने की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मामले की जानकारी होने के बाद छात्र को जारी नोटिस उसी दिन वापस ले लिया गया था और इस संबंध में छात्र को भी अवगत करा दिया गया था। इस पूरे घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय में छात्रों की राजनीतिक गतिविधियों, विरोध-प्रदर्शन में भागीदारी और पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल नोटिस वापस लिए जाने के बाद मामले में आगे किसी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है। वहीं, छात्र पर लगाए गए सरकार विरोधी बातें फैलाने और अन्य छात्रों को प्रदर्शन के लिए उकसाने जैसे आरोप पुलिस रिपोर्ट में दर्ज हैं, जिन पर छात्र का पक्ष सामने आना बाकी है।