Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● खुर्जा में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2100 लीटर सरसों का तेल बरामद; 1300 लीटर एक्सपायरी, ट्रेडर्स की बिक्री पर रोक ● अखिलेश यादव का बड़ा एलान, 2027 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे; बोले- जो शुभ रहा है, वही फिर से करूंगा ● दिवाली से पहले ही जहरीली हुई दिल्ली-NCR की हवा, AQI 300 के पार; डॉ. रणदीप गुलेरिया ने दी स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी ● NEET PG में बड़े बदलाव की तैयारी, पर्सेंटाइल की जगह लागू हो सकती है रैंक आधारित व्यवस्था; 2027 से बदल सकते हैं दाखिले के नियम ● Greater Noida: PNB घोटाले में 22 से 35 करोड़ रुपये तक की कथित हेराफेरी का आरोप, सैकड़ों किसान और खाताधारक महापंचायत में जुटे ● आईफोन को टक्कर देने आ रहा Cyclon AI स्मार्टफोन, खुद बनाएगा ऐप और बिना छुए पूरे करेगा आपके काम ● अयोध्या दीपोत्सव: 'समाज को बांटती है जाति की जड़ता', सीएम योगी बोले- साझा आस्था और संस्कृति जोड़ती है लोगों को ● धनतेरस से पहले सोने की कीमतों में उछाल, 500 रुपये महंगा हुआ 24 कैरेट गोल्ड; चांदी 2 लाख रुपये से नीचे ● ग्रेटर नोएडा की सेवियर ग्रीनआर्च सोसाइटी की अनूठी पहल, कपड़े दान कर जरूरतमंद परिवारों की दिवाली बनाई खुशहाल ● ग्रेटर नोएडा के सुथ्याना में प्राधिकरण का बुलडोजर एक्शन, 9500 वर्ग मीटर जमीन से अवैध निर्माण ध्वस्त

अखिलेश यादव का बड़ा एलान, 2027 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे; बोले- जो शुभ रहा है, वही फिर से करूंगा

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
top-news

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने चुनाव लड़ने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। मंगलवार, 3 नवंबर को वाराणसी पहुंचे अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि वह वही करेंगे, जो उनके लिए पहले शुभ रहा है। उन्होंने कहा, "हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब चुनाव नहीं लड़ते हैं।" अखिलेश के इस बयान को 2027 में मुख्यमंत्री पद की दावेदारी और उनकी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 2027 में वह सीधे लोकसभा से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। गौरतलब है कि 2012 में समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत मिला था और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने थे। उस समय उन्होंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था और विधान परिषद के सदस्य रहते हुए मुख्यमंत्री पद संभाला था। इस बार भी उन्होंने उसी रणनीति को दोहराने के संकेत दिए हैं।


वाराणसी में सपा की जीत को बताया बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद


अखिलेश यादव मंगलवार को वाराणसी में पार्टी के सक्रिय पदाधिकारी राजेश यादव के निधन पर श्रद्धांजलि देने और पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश फौजी का हालचाल जानने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने वाराणसी की दोनों विधान परिषद सीटों पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों की जीत को बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा कि सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा और लाल बिहारी यादव की जीत से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है। अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि तेज रफ्तार और दोगुने विकास की बात करने वाली डबल इंजन सरकार को इस चुनाव में दोहरी हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने भाजपा की राजनीतिक रणनीति पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि एमएलसी चुनाव में हार के बाद भाजपा अब अपने करीब 200 विधायकों के टिकट काटने की तैयारी कर रही है। अखिलेश ने कहा कि सबसे पहले काशी के मंत्रियों के टिकट कट सकते हैं। हालांकि, यह उनका राजनीतिक दावा है, भाजपा की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सपा सरकार बनने पर वाराणसी में मेट्रो का वादा


पूर्व मुख्यमंत्री ने वाराणसी के विकास को लेकर भी बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वाराणसी में मेट्रो का निर्माण कराया जाएगा। अखिलेश ने भाजपा सरकार पर किसानों, नौजवानों और आम लोगों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के जाने के बाद ही किसान और नौजवान खुशहाल होंगे। उनके इस बयान के बाद 2027 के चुनाव में उनकी भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने की बात कही है, लेकिन मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी के संकेत भी दिए हैं। अब देखना होगा कि आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी किस रणनीति के साथ मैदान में उतरती है और अखिलेश यादव की यह घोषणा पार्टी की चुनावी राजनीति को किस दिशा में ले जाती है।