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Operation Kayakalp: उत्तर प्रदेश में शिक्षा का कायाकल्प! योगी सरकार ने बदली बेसिक शिक्षा की तस्वीर

Operation Kayakalp: साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा की स्थिति जर्जर और अनियोजित थी। शौचालय, बिजली, पुस्तकालय और पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं अधिकांश स्कूलों में उपलब्ध नहीं थीं। मात्र 36% विद्यालयों में ही आधारभूत ढांचा था और बालिकाओं के लिए शौचालय की उपलब्धता मात्र 33.9% थी।
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Operation Kayakalp: साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा की स्थिति जर्जर और अनियोजित थी। शौचालय, बिजली, पुस्तकालय और पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं अधिकांश स्कूलों में उपलब्ध नहीं थीं। मात्र 36% विद्यालयों में ही आधारभूत ढांचा था और बालिकाओं के लिए शौचालय की उपलब्धता मात्र 33.9% थी। शिक्षक प्रशिक्षण और डिजिटल शिक्षा लगभग नगण्य थी। पुस्तकालय सुविधा केवल 7,500 स्कूलों तक सीमित थी और यूनिफॉर्म व किताबों की आपूर्ति में भारी देरी सामान्य बात थी।


Operation Kayakalp के साथ साथ इन साधनो से बदली उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था 

लेकिन बीते आठ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ऑपरेशन कायाकल्प, प्रेरणा ऐप, समग्र शिक्षा अभियान और पीएम श्री योजना जैसे प्रयासों से शिक्षा का परिदृश्य पूरी तरह बदल गया। 19 बिंदुओं पर स्कूलों में सुधार का लक्ष्य रखा गया, जिसमें 96% तक सफलता मिली। बालिका शौचालय की संख्या में 54% का इजाफा, 4,336 नए भवन और 7,229 स्कूलों का पुनर्निर्माण हुआ। 1.32 लाख विद्यालयों में लाइब्रेरी बनीं, 25,784 स्मार्ट क्लास और 5,568 ICT लैब स्थापित किए गए। अब तक 2.61 लाख टैबलेट वितरित किए गए हैं। प्रेरणा ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म से स्कूलों की मॉनिटरिंग और पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।  


मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट स्कूल योजना के तहत हर जिले में बनाए गए 2 मॉर्डन स्कूल 

मिड-डे मील योजना का दायरा भी 71.3% से बढ़कर 95.4% हुआ है, जिससे बच्चों की स्कूल उपस्थिति में बड़ा सुधार देखा गया है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नामांकन बढ़कर 83,584 हुआ और ICT लैब, डॉर्मिट्री व कंप्यूटर लैब जैसे आधुनिक संसाधन जोड़े गए। DBT के माध्यम से ₹1,200 प्रति छात्र की राशि सीधे खातों में भेजी जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट स्कूल योजना के तहत हर जिले में दो मॉडर्न स्कूल बनाए जा रहे हैं और पीएम श्री योजना में 1,722 विद्यालय शामिल हुए हैं। साथ ही खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा देते हुए लाखों रुपये स्कूलों को दिए जा चुके हैं।