Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● वॉलीबॉल चैंपियंस लीग: अयोध्या गर्जन और नम्मा बेंगलुरु स्मैशर्स की शानदार जीत ● क्लासरूम से समुदाय तक बच्चों की सुरक्षा पर शारदा स्कूल ऑफ लॉ ने चलाया जागरूकता अभियान ● एम.एम.एच. कॉलेज में वन्यजीव सप्ताह का समापन, पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाई रचनात्मकता ● गौतमबुद्ध नगर पुलिस में बड़ा फेरबदल, अभय कुमार मिश्र बने ADCP ग्रेटर नोएडा ● जेवर एयरपोर्ट पर यात्रियों का हंगामा, लखनऊ जाने वाली फ्लाइट करीब तीन घंटे लेट ● दिल्ली-NCR में बदलेगा मौसम, 9 अक्तूबर को बारिश और तेज हवाओं का अनुमान ● लखनऊ में गोमती की बाढ़ विकराल, प्लासियो मॉल और इकाना स्टेडियम के सामने भरा पानी ● ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड: किसी का सामान जला तो किसी की जिंदगी भर की जमा-पूंजी ● ग्रेटर नोएडा में पेयजल समस्या पर RWA ने उठाई आवाज, CEO ने दिए स्थायी समाधान के निर्देश ● हमीरपुर के राठ में सपाइयों का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती पर बड़ा फैसला, तीन साल के लिए होगी नियुक्ति

इसके तहत अब भर्ती तीन साल के लिए होगी और न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये प्रतिमाह तय किया गया है।
top-news

उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन को मंजूरी दी गई। इसके तहत अब भर्ती तीन साल के लिए होगी और न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये प्रतिमाह तय किया गया है।

महिलाओं को मिलेगा मातृत्व अवकाश

नई व्यवस्था के तहत महिलाओं को मातृत्व अवकाश का लाभ भी मिलेगा। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियम लागू किए जाएंगे। यह कदम महिलाओं और युवाओं को रोजगार सुरक्षा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

चयन प्रक्रिया होगी पारदर्शी

आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती अब लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर होगी। चयनित अभ्यर्थियों का वेतन सीधे बैंक खाते में आएगा, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाएगी।

प्रदेश में पांच लाख से अधिक कर्मचारी

वर्तमान में प्रदेश में पांच लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें आईटी, स्वास्थ्य, प्रशासनिक सेवाएं और विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात कर्मचारी शामिल हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन कर्मचारियों को स्थायित्व और सुरक्षा मिलेगी।

आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए वेतन श्रेणी तय

सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के अनुसार न्यूनतम वेतन तय किया है।


  • श्रेणी-1: चिकित्सक, अभियंता, चार्टर्ड अकाउंटेंट, प्रोफेसर आदि – न्यूनतम वेतन 40,000 रुपये
  • श्रेणी-2: स्टाफ नर्स, तकनीशियन, कंप्यूटर प्रोग्रामर – न्यूनतम वेतन 25,000 रुपये
  • श्रेणी-3: क्लर्क, स्टेनो, जूनियर असिस्टेंट – न्यूनतम वेतन 22,000 रुपये
  • श्रेणी-4: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जैसे ड्राइवर, चपरासी आदि – न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये

सरकार का उद्देश्य

योगी सरकार का उद्देश्य है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को न केवल बेहतर सुविधाएं मिलें, बल्कि उन्हें एक सम्मानजनक वेतन और सुरक्षित भविष्य भी सुनिश्चित हो। यह कदम प्रदेश की रोजगार नीतियों को और मजबूत करेगा।