Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Uttar Pradesh: यूपी में बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई व्यवस्था! एक नवंबर से लागू होगा वर्टिकल सिस्टम, मिलेंगी पांच बड़ी सुविधाएं

Uttar Pradesh: राजधानी Lucknow के करीब 14.50 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। एक नवंबर से यहां Vertical System लागू होने जा रहा है। नई व्यवस्था में बिजली उपभोक्ताओं को किसी भी कार्य के लिए अलग-अलग अधिकारी जिम्मेदार होंगे। यानी अब उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन, बिल, या शिकायत निस्तारण जैसे कामों के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। इस सिस्टम को कानपुर की तर्ज पर राजधानी में लागू किया जा रहा है।
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Uttar Pradesh: राजधानी Lucknow के करीब 14.50 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। एक नवंबर से यहां Vertical System लागू होने जा रहा है। नई व्यवस्था में बिजली उपभोक्ताओं को किसी भी कार्य के लिए अलग-अलग अधिकारी जिम्मेदार होंगे। यानी अब उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन, बिल, या शिकायत निस्तारण जैसे कामों के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। इस सिस्टम को कानपुर की तर्ज पर राजधानी में लागू किया जा रहा है।


नई व्यवस्था के अनुसार, अब अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer) अलग-अलग श्रेणियों में जिम्मेदारी निभाएंगे। इनमें वाणिज्य, तकनीकी, परीक्षण और प्रोजेक्ट से जुड़े विभाग होंगे। उपभोक्ताओं को नया कनेक्शन देने, मीटर लगाने, बिल सुधारने, स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन और 1912 Helpline पर दर्ज शिकायतों का निस्तारण अधीक्षण अभियंता (वाणिज्य) की जिम्मेदारी होगी। वहीं, बिजली की निर्वाध आपूर्ति और ट्रांसफार्मर बदलने जैसे तकनीकी काम अधीक्षण अभियंता (तकनीकी) देखेंगे।


इसके अलावा, उपकेंद्रों और ट्रांसफार्मरों की टेस्टिंग की जिम्मेदारी अधीक्षण अभियंता (परीक्षण) को दी गई है। नए बिजली उपकेंद्र और लाइनों के निर्माण का कार्य अधीक्षण अभियंता (प्रोजेक्ट) देखेंगे। इस Integrated System में जवाबदेही तय होगी और मुख्य अभियंता इसकी निगरानी करेंगे। इससे न सिर्फ शिकायतों का समय पर निस्तारण होगा बल्कि उपभोक्ताओं का समय और ऊर्जा भी बचेगी।


इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को पांच प्रमुख फायदे मिलेंगे। पहला, उपभोक्ता को किसी भी काम के लिए JE या SDO के चक्कर नहीं काटने होंगे। दूसरा, बिजली कनेक्शन और बिल से जुड़ी शिकायतों का समाधान आसानी से मिलेगा। तीसरा, मीटर बदलने और जांचने जैसे काम तय समय-सीमा में पूरे होंगे। चौथा, Consumer Complaints का शत-प्रतिशत निस्तारण 1912 नंबर पर दर्ज होने पर होगा। पांचवां और सबसे अहम फायदा यह कि अगर उपभोक्ता का काम नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारी पर सीधे कार्रवाई होगी।