Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Uttar Pradesh: यूपी में अब सिर्फ प्रीपेड स्मार्ट मीटर से ही मिलेगा नया बिजली कनेक्शन, पॉवर कॉर्पोरेशन का बड़ा फैसला

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। अब राज्य में नया बिजली कनेक्शन (New Electricity Connection) लेने वालों को केवल प्रीपेड स्मार्ट मीटर (Prepaid Smart Meter) के साथ ही कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इस संबंध में पॉवर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने सभी प्रबंध निदेशकों और मुख्य अभियंताओं को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
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Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। अब राज्य में नया बिजली कनेक्शन (New Electricity Connection) लेने वालों को केवल प्रीपेड स्मार्ट मीटर (Prepaid Smart Meter) के साथ ही कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इस संबंध में पॉवर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने सभी प्रबंध निदेशकों और मुख्य अभियंताओं को सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार कनेक्शन जारी करने में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए और यदि शिकायत मिलती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।


कॉर्पोरेशन ने स्पष्ट किया है कि नए उपभोक्ताओं को निर्धारित समय-सीमा में कनेक्शन उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इसके लिए special team गठित करने और रोजाना समीक्षा करने का आदेश दिया गया है। वहीं, निदेशक (वाणिज्य) साप्ताहिक समीक्षा करेंगे ताकि उपभोक्ताओं को सुविधा मिल सके। इस कदम से बिजली वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।


हालांकि, इस फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता Electricity Act 2003 और उपभोक्ता अधिकारों के खिलाफ है। उन्होंने मांग की है कि बिना मूल्य निर्धारण और पूर्व सहमति के उपभोक्ताओं पर इन मीटरों को थोपना गलत है। परिषद ने कहा कि यह कदम उपभोक्ताओं की स्वतंत्रता और संविधान का उल्लंघन है।


उधर, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने इस फैसले को निजीकरण की नई रणनीति करार दिया है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार फ्रेंचाइजी सिस्टम के जरिए बड़े शहरों की बिजली वितरण व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। हाल ही में निदेशक मंडल ने मेरठ, बरेली, लेसा, गाजियाबाद और अन्य डिस्कॉम में वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिससे हजारों पद प्रभावित होंगे। समिति ने चेतावनी दी है कि इस नीति का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।