Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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दीवाली के बाद यूपी में घातक हुआ Air Pollution, विशेषज्ञों की चेतावनी Mask पहनकर ही निकलें बाहर

दीवाली के दो दिनों की आतिशबाजी के बाद Uttar Pradesh की हवा जहरीली हो गई है। राजधानी Lucknow समेत कई जिलों में Air Quality Index (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। मंगलवार रात तक लगातार हुई fireworks के कारण शहर का औसत AQI 184 दर्ज किया गया, जो “Orange Zone” में आता है। वहीं, पूरे प्रदेश का औसत AQI 204 तक पहुंच गया है, जो “Severe” श्रेणी में गिना जाता है। आसमान में छाई धुंध और हवा में जहर घुलने से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए बेहद हानिकारक है।
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दीवाली के दो दिनों की आतिशबाजी के बाद Uttar Pradesh की हवा जहरीली हो गई है। राजधानी Lucknow समेत कई जिलों में Air Quality Index (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। मंगलवार रात तक लगातार हुई fireworks के कारण शहर का औसत AQI 184 दर्ज किया गया, जो “Orange Zone” में आता है। वहीं, पूरे प्रदेश का औसत AQI 204 तक पहुंच गया है, जो “Severe” श्रेणी में गिना जाता है। आसमान में छाई धुंध और हवा में जहर घुलने से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए बेहद हानिकारक है।


पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ते प्रदूषण का मुख्य कारण crackers smoke, वाहनों का emission, और ठंड के मौसम में धुंध का जमाव है। इससे respiratory problems, आंखों में जलन, और headache जैसी दिक्कतें तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों ने जनता को सतर्क रहने और खासकर सुबह व देर रात के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बाहर निकलने पर N95 mask का उपयोग करें और जितना संभव हो, घर के अंदर शुद्ध हवा बनाए रखें।


राज्य सरकार और नगर निगम की टीमें भी प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने के लिए सक्रिय हो गई हैं। सड़कों पर water sprinkling और anti-smog guns का उपयोग किया जा रहा है। पर्यावरण विभाग ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें और सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करें। साथ ही, प्रदूषण के इस मौसम में पौधरोपण और eco-friendly practices अपनाने पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों ने कहा कि अगर लोगों ने मिलकर जागरूकता दिखाई, तो आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता में सुधार संभव है।

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