Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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UP School Education Reform: यूपी में शिक्षा का नया मॉडल: छात्रों के लिए हर सत्र में होंगे 10 बैगलेस दिवस, बढ़ेगी कौशल व अनुभव आधारित सीख

UP School Education Reform: उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा का स्वरूप अब बदलेगा, क्योंकि बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने Bagless Days, Experiential Learning और Skill-Based Education को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की है। राज्य के सभी 75 जिलों में कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थियों के लिए हर शैक्षिक सत्र में 10 बैगलेस दिवस अनिवार्य किए गए हैं। यह पूरी पहल SCERT द्वारा तैयार “आनंदम मार्गदर्शिका” पर आधारित है, जिसका उद्देश्य बच्चों को पाठ्यपुस्तक-आधारित शिक्षा के दायरे से बाहर निकालकर आनंदपूर्ण, कौशल आधारित और वास्तविक जीवन से जुड़ी शिक्षा प्रदान करना है।
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UP School Education Reform: उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा का स्वरूप अब बदलेगा, क्योंकि बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने Bagless Days, Experiential Learning और Skill-Based Education को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की है। राज्य के सभी 75 जिलों में कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थियों के लिए हर शैक्षिक सत्र में 10 बैगलेस दिवस अनिवार्य किए गए हैं। यह पूरी पहल SCERT द्वारा तैयार “आनंदम मार्गदर्शिका” पर आधारित है, जिसका उद्देश्य बच्चों को पाठ्यपुस्तक-आधारित शिक्षा के दायरे से बाहर निकालकर आनंदपूर्ण, कौशल आधारित और वास्तविक जीवन से जुड़ी शिक्षा प्रदान करना है।


इन Bagless Days में छात्र बिना बैग के स्कूल आएंगे और educational tours, experiments, art & craft, sports, science activities, nature exploration, local industries visit जैसी गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। पहली बार विद्यार्थियों को case studies करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे वास्तविक जीवन की परिस्थितियों को समझेंगे और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करेंगे। यह पहल न केवल अवलोकन, विश्लेषण, तर्क और रचनात्मकता को बढ़ाएगी बल्कि बच्चों में श्रम की गरिमा, आत्मनिर्भरता और स्थानीय संस्कृति से गहरा जुड़ाव भी स्थापित करेगी। SCERT निदेशक डॉ. गणेश कुमार के अनुसार, गतिविधियों को Science & Technology, Local Industry-Business, और Art-Culture-History श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें कारीगरों, विशेषज्ञों और समुदाय की सक्रिय भूमिका शामिल होगी।


महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने इसे शिक्षा क्षेत्र में “नवाचार की नई राह” बताया। उनके अनुसार, यह मॉडल बच्चों में creativity, confidence, cultural awareness को मजबूत करेगा और उन्हें भविष्य के लिए व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाएगा। साथ ही Vocal for Local और ODOP को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि बच्चे स्थानीय कलाकारों, कारीगरों और उद्योगों से सीधा संवाद करेंगे। समुदाय-स्कूल की साझेदारी से बच्चों को वास्तविक जीवन से जुड़ी जानकारी, कौशल और प्रेरणा मिलेगी, जिससे शिक्षा अधिक प्रभावी और अर्थपूर्ण बनेगी।

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