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‘लाइब्रेरी मैन’ रामवीर तंवर का हृदयगति रुकने से निधन, देशभर में शोक की लहर

उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित झुंडपुरा गांव से निकलकर देश के गांव-गांव तक शिक्षा की अलख जगाने वाले प्रसिद्ध समाजसेवी रामवीर तंवर का रविवार को हृदयगति रुकने से निधन हो गया। उन्होंने नोएडा के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली।
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उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित झुंडपुरा गांव से निकलकर देश के गांव-गांव तक शिक्षा की अलख जगाने वाले प्रसिद्ध समाजसेवी रामवीर तंवर का रविवार को हृदयगति रुकने से निधन हो गया। उन्होंने नोएडा के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही शिक्षा जगत, सामाजिक संगठनों और उनके पैतृक गांव में गहरा शोक फैल गया है। रामवीर तंवर को देशभर में ‘लाइब्रेरी मैन’ के नाम से जाना जाता था।


पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर रहे रामवीर तंवर ने ग्रामीण बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी बहुराष्ट्रीय कंपनी की नौकरी छोड़ दी थी। उन्होंने गांवों में बढ़ते नशे और शिक्षा की कमी को देखते हुए किताबों को बदलाव का माध्यम बनाया। 3 मार्च 2018 को उन्होंने अपने गांव के एक जर्जर पंचायत भवन से मिशन ग्रामीण पुस्तकालय की शुरुआत की, जो आगे चलकर एक जनआंदोलन बन गया।


महज कुछ वर्षों में उनके प्रयासों से 300 से अधिक ग्रामीण पुस्तकालयों की स्थापना हुई, जिससे हजारों बच्चों को पढ़ाई का अवसर मिला। वे अक्सर कहते थे कि उनका हर रविवार समाज के नाम है और उसी भावना के साथ वे निरंतर गांवों में लाइब्रेरी स्थापित करने निकल पड़ते थे। उनका जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।

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