Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ग्रेनो में अवैध डंपिंग पर प्राधिकरण सख्त, एम्स गोल्ड होम पर 40,400 रुपये का जुर्माना ● पांच विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच होगा जूनियर चैंपियनशिप स्पोर्ट्स कार्निवल 2026 ● जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलेगा, नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने को योगी कैबिनेट की मंजूरी ● ग्रेटर नोएडा से KGP तक बनेगी सीधी कनेक्टिविटी, 105 मीटर चौड़ी सड़क का होगा विस्तार ● वॉलीबॉल चैंपियंस लीग: अयोध्या गर्जन और नम्मा बेंगलुरु स्मैशर्स की शानदार जीत ● क्लासरूम से समुदाय तक बच्चों की सुरक्षा पर शारदा स्कूल ऑफ लॉ ने चलाया जागरूकता अभियान ● एम.एम.एच. कॉलेज में वन्यजीव सप्ताह का समापन, पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाई रचनात्मकता ● गौतमबुद्ध नगर पुलिस में बड़ा फेरबदल, अभय कुमार मिश्र बने ADCP ग्रेटर नोएडा ● जेवर एयरपोर्ट पर यात्रियों का हंगामा, लखनऊ जाने वाली फ्लाइट करीब तीन घंटे लेट ● दिल्ली-NCR में बदलेगा मौसम, 9 अक्तूबर को बारिश और तेज हवाओं का अनुमान

UP News: यूजीसी कानून के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए कानून और प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद व उनके शिष्यों के साथ हुई घटना के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
top-news

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए कानून और प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद व उनके शिष्यों के साथ हुई घटना के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 2016 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के इस फैसले से उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। सोशल मीडिया पर उनकी एक तस्वीर भी सामने आई, जिसमें वह यूजीसी कानून के विरोध में पोस्टर लिए खड़े दिखाई दिए।


कानपुर नगर के मूल निवासी अलंकार अग्निहोत्री का जन्म 19 मई 1982 को हुआ था। उनका चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर वर्ष 2019 में हुआ और उन्होंने उन्नाव, बलरामपुर, एटा और लखनऊ में सेवाएं दीं। 27 मई 2025 को उन्होंने बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यभार संभाला था। कार्यकाल के दौरान उन्होंने पुनरुत्थान बरेली परिवार नाम से एक सोशल मीडिया ग्रुप भी बनाया, जहां प्रशासनिक मुद्दों और सामाजिक विषयों पर चर्चा होती रही।

अपने इस्तीफे में अलंकार अग्निहोत्री ने प्रयागराज की घटना को ब्राह्मण समाज और साधु-संतों के अपमान से जोड़ते हुए इसे गंभीर और चिंताजनक बताया। साथ ही उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को छात्रों के भविष्य के लिए नुकसानदेह करार दिया और कहा कि इससे सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के साथ शोषण और असमानता बढ़ेगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी इस मुद्दे पर खुलकर विरोध दर्ज कराने की अपील की है।