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AI Summit Protest Case: दिल्ली हाईकोर्ट से युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को राहत, सेशंस कोर्ट की जमानत रोक पर लगी अंतरिम रोक

India AI Impact Summit protest मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को बड़ी राहत दी है। जस्टिस सौरभ बनर्जी की एकल पीठ ने सेशंस कोर्ट द्वारा उनकी जमानत पर लगाई गई रोक पर अंतरिम स्टे लगा दिया।
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India AI Impact Summit protest मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को बड़ी राहत दी है। जस्टिस सौरभ बनर्जी की एकल पीठ ने सेशंस कोर्ट द्वारा उनकी जमानत पर लगाई गई रोक पर अंतरिम स्टे लगा दिया। यह मामला 20 फरवरी 2026 को भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जहां युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस होकर प्रदर्शन किया था। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा भंग और कथित राष्ट्र-विरोधी नारे लगाने के आरोप में कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें उदय भानु चिब भी शामिल थे।


उदय भानु चिब को 23 फरवरी को पूछताछ के लिए बुलाया गया और 24 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। 28 फरवरी की देर रात करीब 3:30 बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट वंशिका मेहता ने उन्हें जमानत दे दी थी। मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा था कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता एक संवैधानिक मूल्य है और पुलिस आगे हिरासत की ठोस वजह पेश करने में विफल रही।

हालांकि, उसी दिन एडिशनल सेशंस जज अमित बंसल ने दिल्ली पुलिस की याचिका पर एकपक्षीय सुनवाई करते हुए जमानत आदेश पर रोक लगा दी और इसे दुर्लभ मामला बताया। इसके खिलाफ उदय भानु चिब ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। 2 मार्च 2026 को सुनवाई के दौरान जस्टिस सौरभ बनर्जी ने टिप्पणी की कि सेशंस कोर्ट ने अपने आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया कि मामला दुर्लभ क्यों है। हाईकोर्ट ने सेशंस कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई तय कर दी है।

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