Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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मेरठ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर के लिए कैबिनेट ने दी मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत मेरठ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) के अवस्थापना विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इस परियोजना पर लगभग ₹213.81 करोड़ खर्च किए जाएंगे। गंगा एक्सप्रेसवे के पास विकसित होने वाले इस क्लस्टर से मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत मेरठ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) के अवस्थापना विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इस परियोजना पर लगभग ₹213.81 करोड़ खर्च किए जाएंगे। गंगा एक्सप्रेसवे के पास विकसित होने वाले इस क्लस्टर से मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।


उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPIDA) द्वारा विकसित एक्सप्रेसवे जैसे आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे कुल 29 स्थानों पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के तहत इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर तैयार किए जा रहे हैं। मेरठ नोड में सड़क निर्माण, आरसीसी नालियां, कल्वर्ट, फायर स्टेशन, भूमिगत जलाशय, जलापूर्ति लाइन, फेंसिंग और बिजली व्यवस्था जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।


इन सभी कार्यों को EPC (Engineering, Procurement & Construction) मोड पर कराया जाएगा। व्यय-वित्त समिति द्वारा ₹21381.93 लाख की लागत का आकलन किया गया था, जिसे कैबिनेट ने स्वीकृति दी। इस परियोजना से न केवल औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में निवेश और उद्योगपतियों की रुचि बढ़ने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।

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