Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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यूपी ट्रांसफर पॉलिसी 2026-27! गृह जिले में नहीं तैनात होंगे समूह ‘क’ अधिकारी, योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों को लेकर योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ट्रांसफर पॉलिसी 2026-27 को मंजूरी दे दी गई। नई नीति के तहत समूह ‘क’ के अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनाती नहीं दी जाएगी। जिन अधिकारियों के पद मंडल स्तर तक सीमित हैं, उन्हें उनके गृह मंडल में भी पोस्टिंग नहीं मिलेगी। वहीं समूह ‘ख’ के अधिकारियों पर भी गृह मंडल में तैनाती का प्रतिबंध लागू होगा, हालांकि यह नियम केवल जिलास्तरीय कार्यालयों पर लागू रहेगा।
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उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों को लेकर योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ट्रांसफर पॉलिसी 2026-27 को मंजूरी दे दी गई। नई नीति के तहत समूह ‘क’ के अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनाती नहीं दी जाएगी। जिन अधिकारियों के पद मंडल स्तर तक सीमित हैं, उन्हें उनके गृह मंडल में भी पोस्टिंग नहीं मिलेगी। वहीं समूह ‘ख’ के अधिकारियों पर भी गृह मंडल में तैनाती का प्रतिबंध लागू होगा, हालांकि यह नियम केवल जिलास्तरीय कार्यालयों पर लागू रहेगा।


नई तबादला नीति में तीन और सात साल की सेवा अवधि को स्थानांतरण का आधार बनाया गया है, जिसकी कटऑफ तिथि 31 मार्च तय की गई है। जिन विभागों के पास किसी जिले में एक ही कार्यालय है, वहां 13 मई 2022 के शासनादेश के अनुसार पटल या क्षेत्र परिवर्तन किया जाएगा। समूह ‘ग’ के कर्मचारियों के लिए पटल और क्षेत्र परिवर्तन अनिवार्य कर दिया गया है। इस नीति के दायरे में करीब 9 लाख से अधिक राज्य कर्मचारी आएंगे, जबकि सचिवालय कर्मियों को इससे बाहर रखा गया है।


सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि विभागाध्यक्ष अपने मंत्रियों की सहमति से 31 मई तक तबादले कर सकेंगे। जिन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति में दो साल का समय बचा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर इच्छित स्थान पर तैनाती देने पर विचार किया जाएगा। समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कर्मचारियों को गृह जिले में पोस्टिंग मिल सकती है, जबकि समूह ‘क’ और ‘ख’ के अधिकारियों को गृह जिले से बाहर ही विकल्प दिए जाएंगे। इस फैसले को प्रशासनिक पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।