Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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उत्तर प्रदेश में एआई क्रांति! लखनऊ बना टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का नया हब

Uttar Pradesh में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रशासनिक बदलाव को नई गति मिली है। राजधानी Lucknow में आयोजित ‘एआई ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव 2026’ में देशभर के 50 से अधिक वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और लोक प्रशासकों ने भाग लिया। इस उच्च स्तरीय आयोजन में “द एआई-पावर्ड पब्लिक एडमिनिस्ट्रेटर: कॉम्पिटेंसीज फॉर ए न्यू एरा ऑफ गवर्नेंस” विषय पर गहन कैपेसिटी-बिल्डिंग वर्कशॉप आयोजित की गई। वर्कशॉप का संचालन एनआईएचआईटी (NIHIT) की संस्थापक डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने किया, जहां भविष्य की डिजिटल गवर्नेंस और एआई आधारित प्रशासनिक दक्षता पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने लखनऊ को भारत में उभरते एआई इनोवेशन हब के रूप में रेखांकित किया, जहां टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स और गवर्नेंस का नया इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है।
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Uttar Pradesh में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रशासनिक बदलाव को नई गति मिली है। राजधानी Lucknow में आयोजित ‘एआई ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव 2026’ में देशभर के 50 से अधिक वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और लोक प्रशासकों ने भाग लिया। इस उच्च स्तरीय आयोजन में “द एआई-पावर्ड पब्लिक एडमिनिस्ट्रेटर: कॉम्पिटेंसीज फॉर ए न्यू एरा ऑफ गवर्नेंस” विषय पर गहन कैपेसिटी-बिल्डिंग वर्कशॉप आयोजित की गई। वर्कशॉप का संचालन एनआईएचआईटी (NIHIT) की संस्थापक डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने किया, जहां भविष्य की डिजिटल गवर्नेंस और एआई आधारित प्रशासनिक दक्षता पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने लखनऊ को भारत में उभरते एआई इनोवेशन हब के रूप में रेखांकित किया, जहां टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स और गवर्नेंस का नया इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है।


कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एआई नीति और डिजिटल विजन को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। लखनऊ की वृंदावन योजना में ₹368 करोड़ की लागत से देश की पहली एआई सिटी के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जबकि ₹225 करोड़ का यूपी एआई मिशन राज्य में तकनीकी परिवर्तन की रीढ़ माना जा रहा है। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ (सेवानिवृत्त आईएएस) मनोज कुमार सिंह ने कहा कि राज्य एआई आधारित प्रशासन में राष्ट्रीय मॉडल बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो आने वाले समय में ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मजबूती देगा। वहीं आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार (आईएएस) ने बताया कि सरकार क्वांटम, डीपटेक और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर विशेष फोकस कर रही है।


वर्कशॉप में साइबर सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और नागरिक सेवाओं में एआई के उपयोग पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘MANAV’ फ्रेमवर्क का उल्लेख करते हुए मानव-केंद्रित और नैतिक एआई की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और जवाबदेह एआई ही समावेशी विकास की कुंजी है। इस पहल को इनमोबी (InMobi), मास्टरकार्ड (Mastercard) और टाटा संस (Tata Sons) का समर्थन प्राप्त है, जो भारत-अमेरिका इनोवेशन सहयोग और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा दे रहा है। यह पहल भारत को वैश्विक एआई नेतृत्व की ओर तेजी से अग्रसर कर रही है।