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नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ग्रैप लागू, निर्माण कार्यों पर बढ़ी सख्ती

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ग्रेटर नोएडा। कपिल चौधरी

नोएडा में मंगलवार से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण लागू होते ही नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। शहर में चल रहे बड़े निर्माण कार्य और विकास परियोजनाओं के कारण प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है। ग्रैप के तहत 500 वर्गमीटर या उससे बड़े भूखंडों पर निजी निर्माण के लिए अब पंजीकरण अनिवार्य हो गया है, जिसका पालन सुनिश्चित करना स्थानीय एजेंसियों की जिम्मेदारी होगी।

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सभी एजेंसियों को ग्रैप के नियमों का सख्ती से अनुपालन करने के आदेश जारी किए हैं। निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट का उपयोग और निर्माण सामग्रियों को ढक कर रखना अनिवार्य कर दिया गया है, अन्यथा जुर्माना लगाया जाएगा।

सोमवार को ग्रेटर नोएडा देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि नोएडा तीसरे स्थान पर रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 274 और नोएडा का 268 रिकॉर्ड किया गया। अगर लगातार तीन दिनों तक प्रदूषण का स्तर 300 से ऊपर जाता है, तो ग्रैप का दूसरा चरण लागू होगा, जिसमें और कड़े प्रतिबंधों की संभावना है।

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