Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● बारिश में जलभराव पर सिर्फ प्राधिकरण नहीं, नागरिकों की भी है बराबर जिम्मेदारी ● यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 77,007 पौधों का रोपण, स्कूली बच्चों ने भी लिया हिस्सा ● ग्रेटर नोएडा सेक्टर-36 RHO-1 में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत हुआ वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश ● नोएडा में विदेशी नागरिकों से Cyber Fraud करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, Bisrakh Police ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार ● नोएडा सेक्टर-2 में फर्जी Loan Call Center का भंडाफोड़, करोड़ों की Cyber Fraud करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार ● ग्रेटर नोएडा के कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी जांच शुरू, मानक पूरे न करने पर सीलिंग की चेतावनी ● ग्रेटर नोएडा में सफाई व्यवस्था होगी और मजबूत, 3000 नए सफाई कर्मियों की होगी तैनाती ● UP Panchayat News: जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, ब्लॉक प्रमुखों पर भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था ● अलीगढ़ में यमुना प्राधिकरण का बड़ा एक्शन: 450 करोड़ की अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर, डेढ़ लाख वर्गमीटर भूमि कराई कब्जामुक्त ● UP Weather Today: यूपी में मानसून पूरी तरह सक्रिय, 46 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

महिलाओं के खिलाफ अपराध में 75% वृद्धि: समाज की विक्टिम ब्लेमिंग मानसिकता और न्याय व्यवस्था पर सवाल

top-news

नोएडा। दिव्यांशु ठाकुर

महिलाओं के खिलाफ अपराध में बीते 10 सालों में 75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो बेहद चिंताजनक है। समाज में ‘विक्टिम ब्लेमिंग’ की मानसिकता महिलाओं की स्थिति को और अधिक दयनीय बना रही है। पितृसत्तात्मक समाज में महिलाएं सदियों से असहाय और पराश्रित छवि में जकड़ी हुई हैं। हालिया घटनाओं में महिलाओं के प्रति बढ़ती असंवेदनशीलता और उनकी सुरक्षा के प्रति समाज की उदासीनता साफ झलकती है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, महिला अपराध के मामलों में 23 प्रतिशत को ही सजा मिल पाती है, जो न्याय व्यवस्था की गंभीर कमी को उजागर करती है। घर और समाज को मिलकर लड़कों और लड़कियों में समानता की भावना का विकास करना होगा। बच्चों को बचपन से ही महिलाओं के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना आवश्यक है।

सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए, हमें पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। समाज में बदलाव लाने के लिए, महिलाओं को आत्मरक्षा के तरीके सिखाए जाने चाहिए और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की हिम्मत जुटानी होगी। समाज को अपने अंदर परिवर्तन लाना होगा, तभी महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोका जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *