Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● बारिश में जलभराव पर सिर्फ प्राधिकरण नहीं, नागरिकों की भी है बराबर जिम्मेदारी ● यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 77,007 पौधों का रोपण, स्कूली बच्चों ने भी लिया हिस्सा ● ग्रेटर नोएडा सेक्टर-36 RHO-1 में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत हुआ वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश ● नोएडा में विदेशी नागरिकों से Cyber Fraud करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, Bisrakh Police ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार ● नोएडा सेक्टर-2 में फर्जी Loan Call Center का भंडाफोड़, करोड़ों की Cyber Fraud करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार ● ग्रेटर नोएडा के कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी जांच शुरू, मानक पूरे न करने पर सीलिंग की चेतावनी ● ग्रेटर नोएडा में सफाई व्यवस्था होगी और मजबूत, 3000 नए सफाई कर्मियों की होगी तैनाती ● UP Panchayat News: जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, ब्लॉक प्रमुखों पर भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था ● अलीगढ़ में यमुना प्राधिकरण का बड़ा एक्शन: 450 करोड़ की अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर, डेढ़ लाख वर्गमीटर भूमि कराई कब्जामुक्त ● UP Weather Today: यूपी में मानसून पूरी तरह सक्रिय, 46 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

कोलकाता मामला: पीड़िता के पिता ने उठाए ममता बनर्जी पर सवाल

top-news

नोएडा। दिव्यांशु ठाकुर

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में पीड़िता डॉक्टर के पिता ने श्मशान में तीन शवों की उपस्थिति के बावजूद उनकी बेटी का अंतिम संस्कार पहले किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उस वक्त वह कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं थे और किसी ने भी अंतिम संस्कार को रोकने की कोशिश नहीं की।

पीड़िता के पिता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब खुद मुख्यमंत्री सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग कर रही हैं, तो दूसरों के न्याय की आवाज़ को क्यों दबा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के रवैये को परेशान करने वाला बताया और कहा कि जब घटना घटी, तब विभाग और कॉलेज के किसी भी व्यक्ति ने उनका सहयोग नहीं किया। उनका आरोप है कि इस मामले में पूरा विभाग शामिल हो सकता है।

सीबीआई जांच को लेकर पीड़िता के पिता ने कहा कि पिछले तीन दिनों से जांच एजेंसी अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष से पूछताछ कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद संदीप घोष ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया, लेकिन बाद में उनसे मिलने नहीं आए।

पीड़िता के पिता ने यह भी बताया कि उनकी बेटी कभी भी अस्पताल की परेशानियों के बारे में घर में कुछ नहीं बताती थी, ताकि परिवार चिंतित न हो। कोलकाता पुलिस की प्रतिक्रिया पर उन्होंने कहा कि पुलिस प्रमुख ने उनके दुख को साझा करने का प्रयास किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *