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ग्रेटर नोएडा में 200 वर्ग मीटर के प्लॉट की बिक्री में बड़ा घोटाला

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ग्रेटर नोएडा। दिव्यांशु ठाकुर

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-37 में 200 वर्ग मीटर के प्लॉट की बिक्री में बड़ा घोटाला सामने आया है। अधिकारियों और दलालों के मिलकर इस प्लॉट को दो बार बेचा गया, जबकि असली आवंटी को इस घोटाले की भनक तक नहीं लगी। घोटालेबाजों ने शातिराना तरीके से असली आवंटी की फर्जी आईडी बनाई और फिर से प्लॉट ट्रांसफर के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के प्रॉपर्टी विभाग में आवेदन दिया। प्रॉपर्टी विभाग के अधिकारियों ने इस फर्जीवाड़े को समर्थन प्रदान किया।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के नियम के अनुसार, किसी भी प्रॉपर्टी का ट्रांसफर करने से पहले संबंधित प्लॉट के सभी मूल काग़ज़ात की जांच की जाती है, हस्ताक्षर का मिलान किया जाता है और आवंटी की तस्वीर की पुष्टि की जाती है। लेकिन इस मामले में ये सारी प्रक्रियाएं नजरअंदाज की गईं और घोटाला सम्पन्न हुआ।

जब असली आवंटी को इस धोखाधड़ी का पता चला, तो उसने प्रॉपर्टी विभाग में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। निराश होकर, आवंटी ने केंद्रीय सरकार के एक वरिष्ठ IAS अधिकारी से संपर्क किया। इस अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और पुलिस अधिकारियों से बात की और आवंटी को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।

IAS अधिकारी के निर्देश पर पुलिस अधिकारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में जांच के लिए पहुंचे। प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच की जिम्मेदारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के IAS अधिकारी एसीईओ को सौंप दी। इस जांच में प्रॉपर्टी विभाग के विशेष कार्याधिकारी, मैनेजर और अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता उजागर हो सकती है।