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अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों से फ्लैट और प्लॉट खरीदारों को मिला बड़ा फायदा: 3057 खरीदारों को मालिकाना हक

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नोएडा। दिव्यांशु ठाकुर  

अमिताभ कांत समिति द्वारा की गई सिफारिशों से अब आम फ्लैट और प्लॉट खरीदारों को बड़ा फायदा हो रहा है। इस प्रमुख पहल के तहत 1 जनवरी से 30 जून तक कुल 3057 फ्लैट और प्लॉट खरीदारों को मालिकाना हक प्राप्त हुआ है। मंगलवार को प्राधिकरण ने नए नियम लागू होने के बाद हुई रजिस्ट्री के आंकड़े जारी किए गए हैं। हालांकि, नई पॉलिसी के अनुसार, प्राधिकरण क्षेत्र में दस हजार खरीदारों की रजिस्ट्री का लक्ष्य था। लेकिन बिल्डरों की लेटलतीफी के कारण अभी भी 70 प्रतिशत खरीदारों को अपनी ज़मीनों के मालिकाना हक का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

दिसंबर 2023 में सरकार ने अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों को लागू करते हुए बिल्डर्स और प्रोजेक्ट्स के वित्तीय प्रबंधन में सुधार के लिए कठोर कदम उठाए थे। इस पहल के तहत, सरकार ने नौ बिल्डर्स परियोजनाओं के खिलाफ 5012 करोड़ रुपये के बकाये में से 25 प्रतिशत, यानी 981 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था। हालांकि इस आदेश का पालन करने में केवल तीन बिल्डर्स ने सफलतापूर्वक बकाया भुगतान किया है। इसके अतिरिक्त, छह सबलेसी भी अपने आर्थिक संकट को सुलझाने में सफल रहे हैं और अपना पूरा बकाया भुगतान कर चुके हैं।

ग्रीनवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने एक बड़ी परियोजना में 92 करोड़ रुपये जमा किए हैं, जिसका आकार 100 एकड़ से अधिक है। अब अटीएस ने पांच करोड़ रुपये जमा करने का अनुरोध किया है और इसके लिए अगस्त तक समय मांगा है। समयानुसार, सुपरटेक और ओमनीस जैसे कुछ अन्य परियोजनाओं पर कोर्ट स्टे लगा हुआ है। हालांकि, प्राधिकरण ने खरीदारों को राहत दिलाने के लिए समझौते करने और दबाव डालने की कोशिश की है। जेपी इंफ्राटेक और थ्रीसी के खरीदारों को राहत दिलाने की कवायद अभी भी जारी है। सुपरटेक ने अपने स्तर पर 600 खरीदारों की रजिस्ट्री को साफ किया है अपकंट्री में।

यमुना प्राधिकरण के रिकॉर्ड के अनुसार, सेक्टर-20 के अलावा सेक्टर-18, 17 और अन्य आवासीय सेक्टरों में बीएचएस फ्लैट और प्लॉट की 703 रजिस्ट्री हुई है। सेक्टर-20 में 971 रजिस्ट्री दर्ज हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, नौ ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में फंसे 1383 खरीदारों को अब फ्लैट और प्लॉट पर मालिकाना हक प्राप्त हो गया है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ, डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत 3057 रजिस्ट्री हुई है। शेष फंसे खरीदारों को राहत प्रदान करने के लिए प्रयास जारी है।

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