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प्राधिकरण के लीजबैक शिफ्टिंग के प्रकरणों के लिए तीन सदस्य कमेटी का गठन

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ग्रेटर नोएडा। कपिल चौधरी

प्राधिकरण में अब आबादी की जमीन की लीजबैक और शिफ्टिंग के प्रकरणों में एसडीएम से अनुमति नहीं लेनी होगी। इसका रास्ता निकालते हुए सीईओ यमुना प्राधिकरण की अध्यक्षता में तीन सदस्य कमेटी गठित कर दी गई है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एक-एक एसीईओ कमेटी के सदस्य होंगे।

इस प्रस्ताव पर बोर्ड बैठक में मोहर लग चुकी है। प्राधिकरण की अगली बोर्ड बैठक में इससे संबंधित पॉलिसी पास होगी। इससे लीजबैक और शिफ्टिंग के प्रकरणों के निस्तारण में आसानी होगी। तीनो प्राधिकरण के ढाई हजार से अधिक किसानों को लाभ होगा। किसानों को इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।

प्राधिकरण के द्वारा जमीन अधिग्रहण करते समय कुछ किसानों की घर के पास की आबादी भी अधिग्रहण की चपेट में आ जाती थी। जिससे किसान वापस लेने के लिए काफी लंबे समय से परेशान घूम रहे हैं इसको लेकर के किसानों ने बड़े-बड़े आंदोलन भी किए हैं लेकिन आज तक भी उसका कोई समाधान नहीं निकल पाया है। लीजबैक और शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी करने के लिए डीएम के प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम से अनुमति लेनी होती है। अक्सर यह देखा गया है कि एसडीएम फाइल पर हस्ताक्षर करने से बचते हैं जिससे समस्या का निस्तारण नहीं हो पता है। कमेटी के गठन से एसडीएम से अनुमति न लेनी पड़े इसका रास्ता निकाला गया है।