Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Noida Airport: नोएडा एयरपोर्ट का तीसरा चरण में13 गाँवों के स्कूल होंगे स्थानांतरित

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Noida Airport: जेवर में बन रहे नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की तीसरी चरणीय विस्तार योजना अब शिक्षा व्यवस्था को भी नया रूप देने जा रही है। परियोजना क्षेत्र में आने वाले थोरा, नीमका, ख्वाजपुर, रामनेर, किशोरपुर, बनवारीवास, पारोही, मुकीमपुर शिवारा, जेवर बांगर, साबौता, चौरोली, दयानतपुर और रोही जैसे 13 गाँवों के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को दूसरे भवनों में शिफ्ट करने की तैयारी तेज़ हो चुकी है। बंकापुर को छोड़कर इन सभी गाँवों की आबादी विस्थापित होगी। बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक पहले चरण में जिस तरह आरएंडआर कॉलोनियों में तीन नए स्कूल खोले गए थे, उसी मॉडल पर इन विद्यार्थियों के लिए भी अस्थायी कक्षाएँ और फिर पक्के परिसर बनेंगे।

Noida Airport: स्थानांतरण से 17000 से ज्यादा लोग होंगे प्रभावित 

आधिकारिक मसौदे के अनुसार तीसरे चरण में कुल 14 गाँवों के 17,945 परिवार प्रभावित होंगे, जिनकी अनुमानित जनसंख्या 27,357 है, जिसमें पुरुष 51 फ़ीसदी व महिलाएँ 49 फ़ीसदी हैं। इन परिवारों के लिए विकसित की जा रही टाउनशिप में आधुनिक शैक्षणिक ढाँचा भी शामिल होगा। स्मार्ट कक्षाएँ, साइंस लैब, डिजिटल लाइब्रेरी और खेल सुविधाएँ ऐसी होंगी, जो अब तक ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थी केवल सुनते आए थे। अधिकारियों का दावा है कि हस्तांतरित स्कूलों को सरकार‑निधि के साथ कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजनाओं से भी संसाधन मिलेंगे, जिससे गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

शैक्षिक संस्थानो की संख्या में होगी कमी 

दिलचस्प तथ्य यह है कि Noida Airport परियोजना शुरू होने के बाद जेवर के स्कूल कॉर्पोरेट निवेश का नया केंद्र बन गए हैं। जहाँ पहले CSR के तहत काम कराने में कंपनियों की दिलचस्पी सीमित थी, वहीं अब सर्वाधिक पीएम श्री स्कूल भी इसी ब्लॉक में चयनित हुए हैं। हालांकि, विस्थापन के चलते जेवर ब्लॉक में संचालित शैक्षणिक संस्थानों की संख्या 113 से घटकर लगभग 80 रह जाएगी। शिक्षा विभाग का तर्क है कि संख्या कम भले हो, सुविधाओं और शिक्षण‑गुणवत्ता का स्तर शहरों के प्रतिष्ठित स्कूलों का मुकाबला करेगा। इस बदलाव से न सिर्फ ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खुलेंगे, बल्कि नोएडा एयरपोर्ट क्षेत्र की समग्र सामाजिक‑आर्थिक तस्वीर भी बदलेगी।

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