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सरकारी अस्पताल में दी जा रही दवाएं जांच में हुई फेल, मरीजों की जान से हो रहा था खिलवाड़

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गाजियाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरादनगर के बाद अब संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल से लिए गए दो दवाओं के नमूने जांच में मानकों के अनुरुप नहीं पाए गए हैं। एक दवा ब्लड प्रेशर और दूसरी उल्टी को नियंत्रित करने के लिए मरीजों को दी जाती हैं। अस्पताल के CMS ने इसकी सूचना सीएमओ को भेजी तो सीएमओ डा.भवतोष शंखधर ने मंगलवार को इस संबंध में एक आदेश जारी करते हुए जिले के 65 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला एमएमजी और जिला महिला अस्पताल में उक्त दोनों दवाओं के प्रयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
एक लाख से अधिक टेबलेट अस्पताल और स्टोर में उपलब्ध
चीफ फार्मासिस्ट को पत्र भेजकर औषधि ड्रग वेयर हाउस UPMSCL गाजियाबाद में रखी उक्त दवाओं की कुल संख्या के बारे में शासन को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। पता चला है कि दोनों दवाओं की एक लाख से अधिक टेबलेट अस्पताल और स्टोर पर उपलब्ध हैं। CMO स्तर से जारी आदेश में बताया गया है कि उक्त दोनों दवाओं के सैंपल केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन, भारत सरकार द्वारा लिए गए थे। जांच में दोनों दवाएं मानक के अनुरूप नहीं पायी गईं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डा. विनोद चंद्र पांडेय ने इन दवाओं के वितरण पर रोक लगाई दी है। बता दें कि शनिवार को रेनीटीडिन टेबलेट का नमूना भी जांच में फेल पाया गया था। यह नमूना सीएचसी मुरादनगर से लिया गया था। इसके अलावा दो और दवाओं के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं।
इन दवाओं के प्रयोग पर लगी रोक
1- टेबलेट रेमिप्रिल पांच एमजी, बैच नंबर आरएमएफटी 905 एक्सपायरी सितंबर-2023। इस दवा का प्रयोग ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
2- टेबलेट आन्डेस्ट्रोन चार एमजी, बैच नंबर ओएनटीजैड एक्सपायरी मार्च- 2024। इस दवा का प्रयोग उल्टी को कम करने के लिए किया जाता है।

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