Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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National Herald Case: राहुल गांधी और सोनिया गांधी को बड़ी राहत, ED की चार्जशीट पर कोर्ट ने संज्ञान लेने से किया इनकार

नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस नेतृत्व को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है।
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नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस नेतृत्व को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है। इस केस में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ ED की कार्रवाई फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकेगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मौजूदा चरण में चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता क्योंकि ED का मामला किसी FIR पर आधारित नहीं है, बल्कि यह सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर एक private complaint और मजिस्ट्रेट के समन आदेशों पर आधारित है। हालांकि, अदालत ने ED को आगे जांच जारी रखने की अनुमति दी है।


कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज की गई नई FIR की कॉपी आरोपियों को दिए जाने का कोई अधिकार नहीं बनता। अदालत के अनुसार, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य आरोपी इस FIR की प्रतिलिपि पाने के हकदार नहीं हैं। इससे पहले ED ने अप्रैल महीने में इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें यंग इंडियन (Young Indian), एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL), सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और अन्य नाम शामिल थे। अदालत ने इस चार्जशीट पर संज्ञान लेने से संबंधित आदेश को 16 दिसंबर तक सुरक्षित रखा था।

कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस पार्टी ने इसे truth की victory बताया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार द्वारा राजनीतिक दुर्भावना के तहत यह कार्रवाई की गई थी। पार्टी के अनुसार, अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना वैध FIR के ED के पास कोई jurisdiction नहीं बनता। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह फैसला विपक्षी नेताओं के खिलाफ misuse of agencies के आरोपों को मजबूत करता है। वहीं, इस केस से जुड़ी आगे की legal proceedings और investigation पर सभी की नजर बनी हुई है।