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India-EU FTA Deal: कपड़े, फुटवियर से लेकर ज्वेलरी तक सस्ते होंगे प्रोडक्ट, भारतीय एक्सपोर्ट को मिलेगा बड़ा बूस्ट
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच घोषित Free Trade Agreement (FTA) को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
- sakshi choudhary
- 27 Jan, 2026
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच घोषित Free Trade Agreement (FTA) को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। उद्योग संगठन CII के अनुसार यह समझौता भारत की Global Trade Strategy को मजबूत करेगा और भारतीय निर्यातकों को यूरोप जैसे High-Value Market में नई प्रतिस्पर्धी बढ़त देगा। इस डील के तहत 99 फीसदी से अधिक भारतीय उत्पादों को Tariff Preference मिलने की बात कही गई है, जिससे Trade, Investment और Technology Transfer को गति मिलेगी।
इस India-EU FTA से टेक्सटाइल, गारमेंट्स, लेदर और फुटवियर, जेम्स एंड ज्वेलरी, सीफूड, इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटोमोबाइल, एग्रीकल्चर और प्रोसेस्ड फूड, IT और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे सेक्टर को सीधा फायदा होगा। यह समझौता खास तौर पर Labour-Intensive Industries और MSME सेक्टर के लिए अवसरों के नए दरवाजे खोलेगा। साथ ही भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए यूरोप में Mobility Framework को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
उद्योग संगठन FICCI का मानना है कि यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा और High-Potential Export Market है, जहां यह ट्रेड डील मैन्युफैक्चरिंग और Value-Added Exports को नई रफ्तार देगी। इससे भारत की Global Value Chain में भागीदारी और गहरी होगी और दीर्घकालिक Inclusive Growth को समर्थन मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह समझौता 2047 तक Developed India के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है।