Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING
NEWS
● ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में अधिकारियों के कार्यों का फेरबदल, 130 मीटर रोड और अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी तय
● ग्रेटर नोएडा की सोसायटी पार्किंग में फॉर्च्यूनर के टायर-रिम से छेड़छाड़, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
● यूपी में PDA पर सियासी घमासान, योगी के बयान पर अखिलेश का पलटवार
● PM Modi: भाजपा की नई टीम के साथ आज बैठक, पदाधिकारियों को करेंगे संबोधित
● दिल्ली में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या, ससुराल पक्ष पर पीट-पीटकर मारने का आरोप
● नोएडा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने निजी लैब का किया उद्घाटन
● ग्रेटर नोएडा में 15 कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई, बंद करने का नोटिस
● सड़क किनारे अतिक्रमण पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, 12 अवैध दुकानें ध्वस्त
● विजय इंटरनेशनल स्कूल में प्री-प्राइमरी विद्यार्थियों के लिए जागरूकता गतिविधि आयोजित
● Migson Ultimo Society में पानी की जांच, TDS मानक के अनुरूप; Greater Noida Authority ने सोसाइटी प्रबंधन को भेजा Notice
लोकसभा में टकराव तेज: राहुल गांधी, ओम बिरला और सरकार- विपक्ष के बीच बढ़ा राजनीतिक गतिरोध
लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार गहराता जा रहा है।
- sakshi choudhary
- 11 Feb, 2026
लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार गहराता जा रहा है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी सांसद स्पीकर के चेंबर में जाकर अभद्र व्यवहार कर रहे हैं और नियमों का पालन नहीं कर रहे। उनका कहना है कि सदन में बोलने के लिए चेयर की अनुमति अनिवार्य होती है, यहां तक कि प्रधानमंत्री भी अनुमति के बिना नहीं बोल सकते। यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की unpublished memoir से जुड़े एक लेख का हवाला देने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके बाद से संसद में लगातार हंगामा हो रहा है।
इस बीच विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए नोटिस दिया है। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर blatantly partisan तरीके से काम कर रहे हैं और जब तक मामला सुलझ नहीं जाता, उन्हें सदन की कार्यवाही से खुद को अलग कर लेना चाहिए। भाजपा ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे संसदीय संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश बताया है। रिजिजू ने 4 फरवरी की कार्यवाही का वीडियो जारी कर विपक्षी सांसदों के व्यवहार पर सवाल उठाए और कहा कि भाजपा व एनडीए सांसद बेहद नाराज थे, लेकिन उन्होंने संयम बरता।
4 फरवरी को स्थिति उस समय चरम पर पहुंच गई जब प्रधानमंत्री Motion of Thanks पर जवाब नहीं दे सके। लगातार नारेबाजी के बीच 5 फरवरी को Motion of Thanks बिना प्रधानमंत्री के पारंपरिक जवाब के ही voice vote से पारित कर दिया गया। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने कांग्रेस सांसदों पर false claims लगाए, जबकि सरकार का कहना है कि सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए नियमों का पालन जरूरी है। Parliament disruption, Lok Sabha controversy और no-confidence motion जैसे मुद्दों के बीच सियासी माहौल गरमाया हुआ है।