1 रुपये में हेलिकॉप्टर एंबुलेंस सेवा का बड़ा ऐलान! हेलमेट मैन का “संजीवनी बूटी मिशन” 2027 से होगा शुरू
- sakshi choudhary
- 17 May, 2026
भारत में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को नई दिशा देने की तैयारी हो रही है। सड़क हादसों में घायल लोगों को “गोल्डन आवर” के भीतर अस्पताल पहुंचाने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी योजना सामने आई है। हेलमेट मैन ऑफ इंडिया राघवेंद्र कुमार ने “संजीवनी बूटी मिशन” के तहत वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे पर हेलिकॉप्टर एयर एंबुलेंस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। इस पायलट प्रोजेक्ट में तीन हेलिकॉप्टर शामिल होंगे, जिनका उद्देश्य गंभीर दुर्घटनाओं में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत यात्रियों से मात्र ₹1 प्रति वाहन सेवा शुल्क लेने का प्रस्ताव है, जिससे परियोजना को वित्तीय रूप से स्थायी बनाने की बात कही जा रही है।
इस मिशन को हाल ही में एयर इंडिया टाटा समूह के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद और गति मिली है, जो गुड़गांव स्थित वाटिका हेड ऑफिस में आयोजित की गई थी। बैठक में सड़क सुरक्षा और एयर एंबुलेंस नेटवर्क के विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई। एयर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन ने भी राघवेंद्र कुमार को सम्मानित किया। राघवेंद्र कुमार ने अपने विजन को “H3 फॉर्मूला” के रूप में प्रस्तुत किया, जिसमें हेलिकॉप्टर, हाइवे और हॉस्पिटल को एकीकृत नेटवर्क के रूप में जोड़ा गया है। अनुमान के अनुसार, एक हेलिकॉप्टर का वार्षिक लीज खर्च लगभग 7 करोड़ रुपये होगा, जबकि तीन हेलिकॉप्टरों का कुल खर्च लगभग 21 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
भारत में सड़क हादसों की गंभीरता को देखते हुए यह योजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हर वर्ष लगभग 2 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा देते हैं, जबकि समय पर इलाज मिलने से हजारों जानें बचाई जा सकती हैं। “गोल्डन आवर” में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से लगभग 60 हजार लोगों की जान सालाना बचाई जा सकती है। राघवेंद्र कुमार पिछले 12 वर्षों से सड़क सुरक्षा अभियान चला रहे हैं और अब तक 75,000 से अधिक हेलमेट वितरित कर चुके हैं। उनका मानना है कि यह मिशन भारत को सड़क दुर्घटनाओं के संकट से मुक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।