CJP Protest Day 9: जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन, सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर
- sakshi choudhary
- 28 Jun, 2026
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन लगातार नौवें दिन भी जारी है। यह आंदोलन 20 जून से NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ था। शुरुआत में शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार बातचीत और नोकझोंक भी हुई। CJP का आरोप है कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए धरनास्थल पर बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में भी बाधा डाली गई, हालांकि बाद में सेवाएं बहाल कर दी गईं।
आंदोलन के नौवें दिन इस प्रदर्शन ने नया मोड़ ले लिया, जब पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पहुंचे और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। भूख हड़ताल शुरू करने से पहले उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। वांगचुक के आंदोलन में शामिल होने के बाद प्रदर्शन को और अधिक समर्थन मिलने लगा। हरियाणा की कई खाप पंचायतों के प्रतिनिधि भी जंतर-मंतर पहुंचे। इसी दौरान CJP के नेता अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने धरनास्थल पर पानी और स्वच्छता जैसी सुविधाएं बंद कर दी हैं। उनका कहना है कि वांगचुक की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन को सहयोग करना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस आंदोलन के दौरान नौ वर्षीय अमायरा के परिवार ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और छात्रों के लिए भोजन लेकर जंतर-मंतर पहुंचे। CJP ने कहा कि कथित बुलिंग के बाद जान गंवाने वाली अमायरा के परिवार को अभी तक न्याय नहीं मिला है और संगठन उनके साथ खड़ा रहेगा। बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान के रूप में हुई थी, लेकिन समय के साथ यह छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर सक्रिय जन अभियान बन गई। संगठन लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती घोटालों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाता रहा है। अब सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल पर बैठने के बाद इस आंदोलन पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।