Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Monsoon Session 2026: संसद में सरकार पर विपक्ष का हमला, खरगे ने उठाए राम मंदिर चंदा, पेपर लीक और एथेनॉल मिश्रण के मुद्दे

संसद का मानसून सत्र 2026 शुरू होते ही सियासी माहौल गर्म हो गया। पहले ही दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की मोदी सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरते हुए साफ संकेत दिए कि विपक्ष इस पूरे सत्र के दौरान जनता से जुड़े सवालों को जोरदार तरीके से उठाएगा।
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संसद का मानसून सत्र 2026 शुरू होते ही सियासी माहौल गर्म हो गया। पहले ही दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की मोदी सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरते हुए साफ संकेत दिए कि विपक्ष इस पूरे सत्र के दौरान जनता से जुड़े सवालों को जोरदार तरीके से उठाएगा। खरगे ने कहा कि विपक्ष सदन में जनता की आवाज बनकर सरकार से जवाबदेही मांगेगा और हर उस मुद्दे पर चर्चा चाहता है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण सवालों से बचने की कोशिश कर रही है, जबकि विपक्ष जनहित के मुद्दों पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करेगा। मानसून सत्र के पहले दिन ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली, जिससे साफ है कि आने वाले दिनों में संसद के दोनों सदनों में कई मुद्दों पर जोरदार बहस और हंगामे के आसार बने हुए हैं।


खरगे ने श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था और विश्वास के साथ मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग दिया था, इसलिए इस धन के उपयोग का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही उन्होंने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को शिक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता बताया। खरगे का दावा है कि वर्ष 2014 से अब तक 152 पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के कारण कई छात्रों को मानसिक तनाव झेलना पड़ा और कुछ ने अपनी जान तक गंवा दी। कांग्रेस अध्यक्ष ने इस पूरे मामले की जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने की मांग भी की।


कांग्रेस अध्यक्ष ने एथेनॉल मिश्रण (Ethanol Blending) के मुद्दे को भी संसद में उठाने की बात कही। उनका आरोप है कि करोड़ों वाहन मालिकों पर बिना पर्याप्त तैयारी के एथेनॉल मिश्रित ईंधन का प्रभाव डाला जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से इस नीति पर विस्तृत जवाब देने और जनता की चिंताओं को दूर करने की मांग की। इसके अलावा विपक्ष आगामी विधेयकों, महंगाई, शिक्षा, रोजगार और अन्य जनहित के विषयों पर भी सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। ऐसे में मानसून सत्र 2026 के दौरान संसद में तीखी बहस, राजनीतिक टकराव और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की संभावना है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि सरकार विपक्ष के आरोपों और सवालों का किस तरह जवाब देती है तथा सदन की कार्यवाही किस दिशा में आगे बढ़ती है।